सरकार की निगरानी करना हम सब जनता का परम कर्तव्य हैं |
महाभारत का यथार्थ है। राजसभाओं में दस्यु, अपराधी और गुंडे आ बैठे और मनुष्य की हीनवृत्तियाँ शक्तिशाली हो उठीं। पाप और भ्रष्ट आचरण राजसिंहासन पर आसीन हो गए; और धर्म को भूखे-प्यासे नंगे पैरों वन-वन भटकना पडा।
हमारे यहाँ कितने ही बाहुबली हैं जो गलत-सलत सब कुछ करते हैं, लेकिन सीना तानकर कानून को ठेंगा दिखलाते हैं। कानून भेड़िये के आगे एक बेबस मेमने-सा हाथ जोड़ कर उनके आगे खड़ा हो जाता है।
यह विकास की राह भी बड़ी टेढ़ी-मेढ़ी है। आदमी जहाँ से चलता है, प्राय फिर
वहीं पर पहुँच जाता है और सोचता है कि उसने कई मंजिलें तय कर ली हैं।
वहीं पर पहुँच जाता है और सोचता है कि उसने कई मंजिलें तय कर ली हैं।
यहाँ से हम अपना विषय वस्तु को दूसरा रूप देंगे .....फिर लिखेंगे कहानी एक अजीब सी ......
मानसिक रूप से बीमार लड़की कभी कुछ तो कभी कुछ ........"चोर चोर मौसेरे भाई" .................चोर-चोर मौसेरे भाई कहनेवाली लड़की मेरी बात सुनो यार, तुम अपने शांत दिमाग सो सोंचो , नहीं तो किसी मानसिक चिकित्सक से सलाह लो , क्योंकि हम तो सुनते हैं तुम बहुत ही अच्छा लिखती हो ! हम भी तुम्हारी आदर करते हैं और तुम हमको भी नहीं छोड़ रही हो .अरे लड़की अपनी योग्यता का परिचय दो और पढो लिखो , जिस दिन आँख मिलाना हो हमसे मिलाना , बहुत अच्छा से सिखायेंगे की कैसे आँख मिलाया जाता हैं .
माना तू सारे हसीनों से हंसीं है , प़र आमोद की भी सूरत बुरी तो नहीं है , झूठा ही सही ये लड़की कभी तू भी हमारा दीदार कर ले, हमेशा प्यार में कैसे डूबा जाता है जान जाएगी ......
यहाँ से हम फिर अपना विषय वस्तु को विस्थापित करते हुए अलग बात लिखेंगे .....
बिहार में सुशासन की बात करनेवाले लोग , अब यह भूल चुके हैं की बिहार में भ्रष्ट अफसरसाही रूपेण दुषाषन का शासन चल रहा हैं .... झूठ मूठ की नौटंकी हैं सुशासन की बात करना ... जनता इन्हें देख रही हैं ..... मतदान की शक्ति से इन्हें माकूल जबाब मिलेगी ....
JUST WAIT AND WATCH
यदि राजा अधर्म पर चलता है तो धरती पर कलियुग का आगमन हो जाता है।
कहीं भी अन्याय और अधर्म न हो, किसी का भी अधिकार न छीना जाए, किसी को भी कष्ट न दिया जाए, समता और न्याय तक, सब की पहुँच हो, तब माना जायेगा सुशासन........ ना की थोथी दलील देने से |
जब कोई महाशक्ति अपनी शक्ति के मद में मनमानी को अपना अधिकार मान लेती है, तो अधर्म का पोषण होने लगता है।
राजा के मन में धर्म हो, तभी अधर्म रुक सकता है। युद्ध कितना भी बडा हो, कितने भी महान् लक्ष्य के लिए हो, किंतु अनावश्यक हिंसा से बचना चाहिए।
बिहार के राजा भी , राजा विराट की तरह ही हैं, जिनका सेनापति उनसे अधिक शक्तिशाली है। बिहार में भी महाभारत का घटनाक्रम दुहराया जा रहा है। राजा के व्यक्तिगत अहंकार के कारण वर्तमान में प्रजा त्रस्त हैं और भ्रष्ट नेतागण , अफसर गण मस्त हैं |
आमोद कुमार
पाटलिपुत्र , बिहार , हिंदुस्तान
1 comment:
Dear Sir, Please keep on writing ...very good post..with regards.
Dhananjay Pandey
Redington (I)Ltd.
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