AMOD ON 6TH MAY 2010
AMOD ON 5TH MAY 2010
मेरे मितवा, मेरे मीत रे ,आजा तुझ को पुकारे, मेरे गीत रे ,मेरे गीत रे ओ मेरे मितवा , मेरे मीत रे ,मेरे गीत रे , ओ मेरे मितवा ......
तेरे जैसा यार कहाँ ,कहाँ ऐसा याराना, याद करेगी दुनिया ,तेरा मेरा अफसाना
मेरी जिंदगी संवारी ,मुझको गले लगाके ,बैठा दिया फलक पे, मुझे खाट से उठाके ,यारा तेरी यारी को ,मैंने तो खुदा माना, याद करेगी दुनिया ,तेरा मेरा अफसाना ,मेरे दिल की यह दुआ है ,कभी दूर तू ना जाए ,तेरे बिना हो जीना, वोह दिन कभी ना आये,तेरे संग जीना यहाँ ,तेरे संग म़र जाना ,याद करेगी दुनिया ,तेरा मेरा अफसाना ,तेरे जैसा यार कहाँ ,कहाँ ऐसा याराना........
एक बात है जो सुकून देता है ,कुछ हौसला देती है वो की, बुरे से बुरे वक्त में भी एक खास बात होती है की गुजर जाता है हँसते- हँसते !!!
किसी ने मेरा बचपन किसी ने जवानी ना सुनी ...सुन सको तो सुन लो हर लम्हा सुनाता है वक्त !!!!
शुद्ध मन ,शुद्ध व्यवहार तथा शुद्ध विचार रखना सदैव सुखदायी हैं .....नास्तिक होते हुए भी मुझे सदैव ईश्वर अल्लाह का सहारा मिलता रहा हैं , यह शायद मेरे माता पिता के कारण मिलता हैं , इस बात को मैं बिलकुल ही नहीं मानता हूँ ..... ..... लोगो के नजरो में यह भी सोंच हो सकती हैं क़ि शायद मैं विक्षिप्त मानसिकता सा भी प्रतीत होता हूँ ......लेकिन यह तो सोंच अपनी अपनी हैं , कोई भी व्यक्ति कुछ भी सोंचने के लिए स्वतंत्र हैं , लेकिन मुझे कोई फर्क कभी नहीं पड़ता हैं .....क्योंकि मुझे मालूम हैं मैं क्या हूँ ? और समय आने प़र लोगो को भी जरूर पता चलेगा |
1 . मेरी यह स्पस्ट समझ है कि भारत के राष्टपति हो या प्रधानमंत्री सबको जनता के डर के साया में जीना परता हैं , क्योंकि वे जनता के सेवक हैं ,और जनता द्वारा ही उस पद को सुशोभित कर रहे हैं.....
2. भारतवर्ष में अपनी प्रतिभा से लोग कठिन परीक्षा से उतीर्ण होकर अच्छी अच्छी सरकारी नौकरिया प्राप्त करते हैं , लेकिन उनमे कुछ लोग यह भूल जाते हैं , उन्हें जनता के सेवार्थ ही सरकार नौकरी प्रदान करती हैं , ना क़ी मौज मस्ती करने के लिए और जनता का निरादर करने के लिए |
अब यह दूसरी बात हैं क़ि किसी भी सरकारी ऑफिस हो या गैर सरकारी , वहां के सबसे साधारण से साधारण किरानी बाबु हम जैसे आम जनता को परेशान करने से बाज़ नहीं आते हैं , और जी हजूरी करवाने में अपना बहादुरी भी समझते हैं .... लेकिन दोस्तों सच कह रहा हूँ मुझे ज्ञान हैं अपनी ताकत का फिर भी उस समय हम उन प़र दया भाव में आ जाते हैं , क़ि क्या यार झूठ मूठ के इस व्यक्ति को परेशान करोगे .. किसी तरह से हाथ पाव जोड़कर काम करवा लो और निकल चलो यहाँ से , जबकि हम न्यासंगत कार्य के लिए ही जाते हैं , वो भी बहुत ही विनर्म भाव से | यह मेरा सोंचने का अपना नजरिया हैं |
मैं ईश्वर अल्लाह का इस लिए आभारी रहता हूँ क़ि बेचारे ने हाथ पाव, शुद्ध मन ,शुद्ध व्यवहार तथा शुद्ध विचार हमको दिए हैं , जो क़ी सबसे बरा धन हैं ... इस लिए उनका आदर भाव से तो नाम लेना ही पड़ेगा ना |भारत हीं नहीं पूरा बिश्व गवाह है की बड़े से बड़ा लुच्चा , देश के सर्वोच्य पद प़र पदासीन हुए थे और हैं भी .... जिसको लोग बरा आदमी समझने लगते हैं , जिसने कभी स्वप्न में भी कल्पना नहीं क़ी होगी क़ि वे लोग भारत के प्रधानमंत्री , राष्टपति बनेगे ? अब यहाँ प़र बिहार या किसी दुसरे अन्य राज्य क़ी बात करना भी इस संबंध में बेकार हैं अगर मैं भी आगे अपने कर्म से किसी बड़े पद पर पहुँच जाऊंगा तो चमचा प्रवृति के लोग हमारी गुणगान भी करते नहीं थकेंगे , जिस तरह से आज का वातावरण हमारे समाज का बना हुआ हैं |
हममे एक अच्छी आदत भी हैं , [जिसको बहुत सारे लोग कहते यह बुरी आदत हैं ] क़ि संसार में किसी को अपना शत्रु नही समझते हैं, हम जुल्म और अत्याचार सहन नहीं कर सकते हैं , परन्तु अत्याचार करनेवाले व्यक्ति से मुझे कोई व्यक्तिगत दुश्मनी भी न हैं लेकिन अगर कोई अत्याचारी हमसे टकराते हैं तो हम जम कर मुकाबला भी उस समय करते हैं समाज से अपराध मिटे यह हमारा मूल लक्ष्य हैं |
हमें अपराधियों ने वर्ष 2005 में , राष्टपति शासन के समय , राजभवन के नजदीक जहाँ पुलिस चौकी बनी हुई हैं , [TIME : 5 TO 6 PM ] वहां प़र कमसे काम 20 से 25 की संख्या में रहे होंगे , हमला बोलकर तक़रीबन 100 से 150 हाथ लात चलाकर पिटाई भी कर दी , वहां ड्यूटी कर रहे दो हवालधार साहब ने जमकर हमारी रक्षा की ....और उन्हें गंभीर चोट आई , उनके Carbine का MAGZINE भी निकल कर गिर गया ....लेकिन बगल से गुजर रहे , Gypsy प़र शान से बैठे हुए DSP साहब तेजी से यह कह कर निकल गये कि हम देखते हैं ? और जब मैं शाष्त्री नगर थाना F.I.R दर्ज करने गया तो वहाँ बोला गया कि आपको किसी तरह कि चोट नहीं लगी हैं , आप झूठ बोल रहे हैं .....और F.I.R तो छोड़ दीजिये मेरा आवेदन तक लेने से इनकार कर दिया गया मैं चुप चाप घर चला आया लेकिन आज भी किसी बड़े अधिकारी में शर्म हैं तो इस बात कि जाँच करनी चाहिए , क्योंकि कब किसकी ड्यूटी कहाँ पर रहती हैं , यह उन्हें उस दिन के ड्यूटी चार्ट से मिल जायेगा क्योंकि मामला राजभवन से सटे 50 गज कि दूरी का हैं और वहाँ पर मेरी रक्षा में घायल हुवे हवालदार साहब पर हमें विश्वास हैं कि जरूर सच बोलेंगे लेकिन आज भी मैं अपना संयम और धैर्य बनाये हुए हूँ , कि चलो कोई ना कोई दिन तो इन्हें सजा मिलेगी ही |लेकिन यहाँ तो सिर्फ लोग व्यस्त हैं सुशासन और दुषाषन कि चर्चा करने में |
अहंकार और राग से स्वजन-आसक्ति उत्पन्न होती है, जो मोह का कारण है। कर्म दर्पण समान भी है, जो हमें हमारे चित्त की शुद्धता को नापने और चित्त-शुद्धिकरण में सहायक होता है। चित्त को शुद्ध करने के लिये कामना त्याग कर के राग, द्वेष और क्रोध पर विजय पाने की आवश्यकता है।
मैं अपनी बुद्धि से मन और मन से इन्द्रियों का निग्रह करते हुए, आसक्ति-रहित (राग-रहित) बुद्धि से निष्का्म और भक्ति भाव से अपने और दूसरों के कल्याण के लिये अपने इस नश्वर शरीर का उपयोग आजीवन करूंगा |
आज दिनांक 01-05-2010 , समय 05:22 PM को मेरा एक परम प्रिय मित्र श्री प्रभात कुमार जी ने अपने मोबाइल संख्या ---001-248-390-7766 से मुझे फ़ोन पर ही बताये कि क्या आमोद जी आप आलतू फालतू के काम में लगे रहते हैं .... हम पूछे कि कौन सा फालतू काम यार , तो वह बोला कि आप क्या अलोग ब्लॉग लिखते हैं वह भी मजाकिया अंदाज में, आपसे हम बहुत आशा रखते हैं कि आप कुछ अच्छा कार्य करे , ना कि व्यर्थ में कंप्यूटर पर बैठकर ब्लॉग लिखे Please don’t waste your time in writing blogs and going over Orkut , Facebook etc. हम उससे झूठ भी बोले क़ि नहीं यार गाड़ी में ही चलते फिरते लिख देते हैं , इस प़र वह बोला क़ि आप झूठ क्यों बोलते हैं , आप कल रात में 1:10 रात्रि में publish किये हैं .जबकि आप शुरू से ही 10 बजे रात्रि में सो जाते थे , और आज आपको क्या हो गया हैं ?.....हम किसी तरह से बहाना बनाकर मोबाइल लाइन Disconnect किये |प्रभात जी एक बहुत ही सिधा साधा लड़का हैं , मेरी ही नहीं सभी क़ि नजरो में और मेरी भी यह साफ समझ हैं क़ि वह गलत बात बोल ही नहीं सकता हैं ..........इस लिए अब तो हम Blog, Facebook or Orkut प़र ना के बराबर ही जाना उचित समझेंगे |
दुनिया के नजरो मैं क्या हूँ यह मैं नहीं जानता हूँ , लेकिन इतना जरूर जानता हूँ क़ि मेरे माता पिता भाई पत्नी आदि मुझे दुनिया का सबसे अच्छा व्यक्ति समझते हैं , और अपार प्रेम हमसे करते हैं ......आज अभी घर जाकर और भी लिखूंगा ........क्योंकि शायद यह मेरा अंतिम POST रहेगा |
In the mean time I will request all of my Facebook and Orkut friends to delete my Name from their friend list if they are my real friend …..I will say sorry to everyone that please don’t take it otherwise .
और जिन लोगो कि यह मानसिकता हैं कि ........पद बड़ा होता हैं , वे लोग यथार्थ को समझने का प्रयास करे कि हमेशा किसी व्यक्ति का कर्म बड़ा होता हैं, ना की पद | गीता पढना अच्छी बात हैं , लेकिन गीता में लिखे हुए बातो को जो अपने उपर भी लागू करते हैं , वे हैं महान व्यक्ति .....कथनी और करनी में फर्क नहीं होनी चाहिए |
हम स्वतंत्र हो क़ि इस लिए भी जीते हैं , क्योंकि बहुत दिन टाटा स्टील में एक बहुत ही अच्छे नौकर तरह कार्य किये , परेशानी सिर्फ इस बात क़ि रहती थी क़ि हम नौकर थे और नौकर धर्म का सुद्ध रूप से पालन भी करते थे , और जबसे नौकरी से इस्तीफा का आवेदन दिए , उस समय से अपार खुश हैं ...वर्ष 2007 से मैं Suspend हूँ , और चुकि हम इतना अच्छा नौकर थे क़ि टाटा स्टील ने अभी तक हमारे VRS, ESS के आवेदन को स्वकृत नहीं किया हैं .......
02 MAY 2010
वाह क्या आनंद आता हैं , चस्मा लगाकर, ठुमक ठुमक के स्कॉर्पियो जीप चलाने में |
आज तो खूब अच्छा संयोग हैं क़ि आज रास्ता से गुजरते हुए हम बचपन में जहाँ खेला और रहा करते थे , जहाँ 15 वर्ष बिता था न ( 7, Harding Road, Patna ) उस जगह का फोटो आ गया , चुकि स्वतंत्र रहनेवाला व्यक्ति हूँ ,अपने धून में अपने हाथ से ही अपना फोटो खीचते चला जाता हूँ , क्योंकि ऐसा करने से मुझे अपार ख़ुशी मिलती हैं... कंप्यूटर में जब फोटो को कॉपी किये तो देखे क़ि यह तो मेरे पिता जी का सरकारी आवास था मन गद--गद हो गया , सभी यादें ताजा हो गयीं |
अरे आमोद तुम पापियों की तरह क्यों अपना चेहरा छिपाते हो , अपना चेहरा तो कायर और पापी चेहरा छिपाते हैं, शायद अनजाने में हमसे भी पाप हुई होगी |
क्या यार उचक्का की तरह फोटो लगाते हो ?
जियो शान से और अपराधी लोग के सामने भूल के भी नहीं जाना |
हीरो तो नहीं हैं , लेकिन जीरो भी तो नहीं हैं |
कोई माने तो भी ना माने तो भी यह सच हैं कि , अपने मन से मैंने यह तीनो पत्थर पहना हैं , क्योंकि इसमें मुझे हिंदुस्तान का तिरंगा लहराते दिखता है ! और अपना भविष्य मैं जानता हूँ !
हाथ उठाकर सबलोग के लिये दुआ मांगता हूँ !
एक जिज्ञासा ,एक कशमकश ,एक अकुलाहट सी है मन में !!!!
बाणी भी है ,संबाद भी है , पर शब्द कंही खो जाते हैं !!!!!
विचलित है ,उथल पुथल है , उद्द्वेलित है मन मेरा !!!!!!
मुट्ठी बांध के अपने हाथ कि ताकत को अजमाता हूँ , कि कही कमजोर तो नहीं हुई हैं !
खाली हाथ आया हूँ , और खाली हाथ जाना हैं....तब तो हमेशा खुश रहना ही हैं ना |
रोज हीं अपने हांथो से चंदन घिसता हूँ -इसलिए हाथ पीला रहता है , न की खून की कमी से !कभी -कभार सोंचा करता हूँ की कैसे कुछ अच्छा किया जाये !
मुट्ठी बांध के आया हूँ , और खाली हाथ जाना हैं तब डर किस बात की हैं|
स्कॉर्पियो चलाने से अच्छा ट्रक बस चलाना जानता हूँ ! शायद पूर्व जन्म में ड्राईवर ही रहे होंगे !
बड़ा नहीं तो छोटका हवाई जहाज तो अच्छा से हवा में उड़ाते ही थे , लेकिन कभी Airline pilot बनने का स्वप्न भी नहीं आया , सिर्फ अपना शौक से ज्ञान के लिये उड़ाते थे |
बाहार निकल रहा हूँ .. आकर लिखूंगा .....I will keep continuing writing this post only….
वापस आ गया हूँ , अब फिर लिखना शुरू करूंगा ......तबतक अभी आते वक़्त का फोटो लगा देते हैं ..पहले |
आज जब मैं पुनः 01:01 PM मैं जब अपने घर जा रहा था, तो अचानक मेरी नजर पर पड़ गयीं Scorpio No..BR-31P-1121 और देखा कि यह गाड़ी बिहार निर्वाचन आयोग के कार्यालय 7, Harding Road, Patna के सामने खड़ी थी , अब देखिये संयोग हमने किसी तरह से डरते डरते अपनी गाड़ी को वहाँ पर रोक कर , इस गाड़ी कि तस्वीर ले ली , मेरा डरना इस लिए लाजिमी था कि एक दिन इसी गाड़ी ने हमारे CAR को पीछे से जबरदस्त धक्का मारी थी और कितना चमाचम होकर खड़ी हैं ....
हमको आज पता चला कि मुझे सचमुच धक्का नहीं मारी गयीं थी ...वह मेरा भ्रम था , क्योंकि इस केस के अनुशंधान कर रहे , दरोगा जी ने हमको F.I.R करते समय भी बहुत ही प्यार से डाटकर बताये थे , कि क्यों झूठ बोलते हैं , आपकी गाड़ी को किसी ने धक्का नहीं मारी है , जिस गाड़ी से आप धक्का मारने कि बात कह रहे हैं , वह तो बिलकुल ही ठीक हालत में मेरे पास खड़ी हैं ....अब हमको समझ में आ गया जरूर हम अपनी गाड़ी कही पत्थर से मारकर पीछे से तोड़
दिए होंगे , क्योंकि हम पागल जो ठहरे |अनुशंधानकर्ता महोदय ने तीन बाद [DATE: AS I REMEMBER ON 1ST APRIL 2010 ]हमको अपने मोबाइल संख्या 99314-12756 से हमारे मोबाइल पर बात करना शुरू किये और बोले कि क्या जी आप अभी तक हमसे मिले नहीं हैं , आप जानते हैं क़ी नहीं क़ि हम आपके केस के I.O हैं , और हम दो दिन घटना स्थल पर गये हैं , और पूरा जाँच पड़ताल किये हैं , आपको इस गाड़ी ने किसी तरह का धक्का आपको नहीं मारी हैं , आप IG, DIG से फ़ोन कराते हैं , लेकिन मैं इस केस का मालिक हूँ जो चाहूँगा वोही होगा, अगर आप सच हैं तो जाकर कमसे काम तीन गवाह लाईये जिसका पुरा नाम, पता ,पिता का नाम हो वह गवाह होने चाहिए और यह मेरा कोई सरकारी मोबाइल नहीं हैं जो मैं आपसे फ्री में बात कर रहा हूँ ...आप उधर से अपने मोबाइल से हमको फ़ोन कीजिये मैंने कहा जी सर अभी लगाता हूँ , और मैंने उनके नंबर प़र लगाया भी ,मेरे लिए तो अजब संकट की घडी थी ,मैंने अनुशंधानकर्ता महोदय से कहा की महाशय हमने किन्ही I.G और D.I.G साहब से नहीं कही हैं आपसे बात करने के लिए , आपसे मेरा निवेदन होगा की आप उस केस को ख़त्म कर दीजिये , हमको जो भी लिखना होगा लिख कर दे देंगे , हम कोई झमेला में नहीं पड़ना चाहते हैं ,इस प़र वे तत्काल गुस्सा हो गये और बोले की आप खुद जाकर माफ़ी मांगिये गाड़ी वाले मालिक से .......तब हम बोले जब यह बात हैं तो केस रहने दीजिये , हम उनसे और उनके ड्राईवर साहब से माफ़ी नहीं मांगेंगे इतना कह कर हमने मोबाइल Disconnect कर दिए |
हमसे उन्होंने और भी बहुत सारी आपतिजनक बाते बोले थे , जिसको लिखना उचित प्रतीत नहीं होता हैं |जियो ख़ुशी से Scorpio No..BR-31P-1121 के मालिक और ड्राईवर साहब , तुम तो बड़े ही कायर बहादुर हो , हम तुम्हारा आदर करते हैं , और साथ एक निवेदन भी भाई , हमको कोई नाराजगी नहीं हैं तुम लोगो से , लेकिन इतना जरूर कहेंगे की पीठ पीछे धक्का क्यों मारते हो , सामने आकर मारों ना , बहुत सम्मान देंगे |
अब यहाँ से जल्दी ,अपनी गाड़ी से निकल लो बेटा आमोद , नहीं तो अगर गाड़ी मालिक या ड्राईवर साहब की नजर पड़ गयीं ना तो कच्चा तुमको खा जायेंगे |SCORPIO NUMBER BR-31P -1121, जिस दिन मुझे पीछे से धक्का मारा था , उस दिन शुरू में, जैसे ही पीछे से धक्का मारा तो लगा की मेरे जहाज अब उड़ रहा है , लेकिन जैसे ही आगे का चक्का धडाम से गिरा तो पीछे मुड़कर देखे की , अरे बाप इ तो SCORPIO NUMBER BR-31P -1121 के ड्राईवर साहब मेरी कार को हवाई जहाज बना दिये थे , क्योंकि हमारी कार के आगे दोनों चक्का कुछ दूरी तक उपर उठकर हवा में चला था ,, वाह क्या सुंदर दृश्य था !
वाह कितनी सुंदर लग रही हैं यह सफ़ेद रंग की स्कॉर्पियो कार .....बिहार निर्वाचन आयोग के कार्यालय का शोभा बढ़ा रही हैं ...अति सुंदर चित्र हैं |
यह तस्वीर मेरे घर के गैराज की हैं , देखियिए मेरी राम प्यारी कार की हालत , बहुत ही प्यार हैं इससे लेकिन क्या करे बेचारी कार का Safety Rod टूट गया है , पटना में कही नहीं हैं , गुडगाँव से 5 दिन बाद आएगा , तब ठीक हो जायेगा तुम चलोगी डार्लिंग, चिंता मत करो , अभी थोड़ा इन्तजार और कर लो , मेरा क्या कसूर हैं ? पटना में हैं ही नहीं तो मैं क्या करू |
बेइंतहा दर्द को भी मैंने उनका प्यार समझा--आंसू हुए आने को तो हम रो न पाए !!!
लब्जों को मिल जाती है जब ख्यालों की उडान.....इन्द्रधनुष सा आसमान फैलाता है रंग !!!!
कोई मुझसे पूछे की मै क्या लिखता हूँ ?????
किसी गरीब के भूखे पेट का अलापना !!!!
कोई मुझसे पूछे की मै क्या लिखता हूँ ?
देश की मजबूरी ,नेतावों का अत्याचार , किसी शहीद का बलिदान ,और उसका रोता हुआ परिवार !!!!
उपर के तस्वीरों को देखे , मेरी चस्मा में कोई गुस्सा का जवाला नहीं फूट रहा हैं , बल्कि कैमरा का फ्लैश लाइट की चमक हैं .... हमें तो प्यार हैं अपने आप से , ज्वाला बनकर कुछ थोड़े ही मिलता हैं , यह हमारी समझ हैं ...लेकिन डरता हूँ उस बात से की समय के साथ किसी दिन ज्वाला बन गया तो अपने आपको जलाकर मार डालूँगा .....क्योंकि हम भी आखिर इंसान ही हैं , दया और प्रेम का भाव तो हैं ही ना ......
पूरा गाड़ी ख़ाली देखकर हम सोंचे , क्यों ना भाड़ा पर बात कर ले ,दो दिन इसी पर चढ़ेंगे ......लेकिन जब नजदीक गये तो देखे अरे बाप रे , यह तो बिहार सरकार की पुलिस जीप हैं , मेरा तो डर के मारे हालत ही ख़राब हो गया और फटाक से अपनी गाड़ी में तेजी से बैठकर चल दिये !
क्या सुंदर GYPSY हैं , कितना सुंदर से लिखा हुआ हैं ......पटना पुलिस आपकी सेवा में सदैव तत्पर ....... यह उपर पिला टी-शर्ट पहने हुये कौन है भाई ? लगता हैं , पटना पुलिस की सुन्दरता में चार चाँद लगानेवाले कोई महान व्यक्ति होंगे !तभी तो इतना प्यार से हमको घूर कर देख रहे हैं ! मेरा तो डर के मारे हालते ख़राब हो जाता हैं !
वाह कितना सुंदर Gypsy Jeep हैं ? खाली में और भी सुंदर लगता हैं !
अरे बाप रे कितनी ज्यादा पुलिस गाड़ी लगी हुई हैं , हां ,हो सकता हैं किसी खादी वाले बाहुबली नेता के सुरक्षा के लिये इन्तजार कर रहे होंगे ! जिनसे हम आम जनता असुरक्षित महसूस करते हैं !लेकिन इस में दोष भी तो हम लोगो का ही हैं !
आदरणीय भाइयों और बहनों कुछ खादी वर्दी और कुछ खाकी वर्दी वाले लोग
आपस में बड़ा ही प्यारी दोस्ती बनाये रखते हैं ,
ये किसी विशेष ब्यक्ति के लिए नहीं है ऐसे मेरे भाई बहन हमें माफ़ कर देंगे !!!उपरोक्त दोनों में कुछ व्यक्ति हमारे समाज के रखवाले के नाम पर धब्बा हैं ,जिन्होंने नकाब तो पहन रक्खा है देश की रखवाली के लिए और देश को ले जा रहे हैं एक ऐसे गड्ढे में जंहा से देश को वापस लाने के लिए न जाने कितने भगत सिंह , आजाद जैसे लोंगों को जन्म लेना पड़ेगा !
सदियों से होता आया है एक इमानदार इन्सान को लोग जीने नहीं देते उसे तो लोग मुर्ख हीं समझते हैं ! पर क्या किया जाये ईमानदारी अपनी रगों में सामिल है तो ?
हम अपने या किसी के लिए कोई मुश्किल नहीं चाहते लेकिन जब ये आ जाती है तो उसके लिए खुद को तैयार भी कर लेते हैं और उससे जूझ भी पड़ते हैं और सामना करना भी जानते हैं ! बहुत हैं जो सामना नहीं कर पाते अपनी असफलातावों का और न हीं अपना ! और बहुत हैं जो छोड़ देते हैं जीवन हीं जीना --लेकिन मै ऐसा नहीं हूँ !
हर शक्श के पास कोई न कोई टुटा सपना होता है मेरे पास भी है इन सफेदपोश नकाबपोश वालों ने जगह -जगह कुचला है मुझे और मेरे सपनों को , कई लोग उसे भूल जाते हैं लेकिन मै नहीं भुला पाया इस लिए अब लिखना भी चाहता हूँ और लिखूंगा भी !!
कभी -कभी सोचते हैं की हर वो बात लिख डालूँ जिसे रोज हम फुसला देते हैं खुद को , लेकिन यारों जिंदगी का क्या भरोशा -जिंदगी ख़त्म हो जाती है लेकिन फुर्सत नहीं देती ,इसलिए लिखना भी जरुरी है !
कई बार ऐसा होता है की हमें अपने आप से नजर मिलानी पड़ती है और हम बौखला उठते हैं , याद आ जाती है वो जलते जख्म जिसे दिया इन कुछ खादी वर्दी और कुछ खाकी वर्दी की प्यारी दोस्ती ने ,और हम भागना नहीं चाहते हैं ! एक सत्य का हीं रास्ता है जो हमें बचा सकता है , ये सही है की हम इन गंदे लोगो को इस राह पर नहीं ले जा सकते , लेकिन इनका मुकाबला तो हम अपने बल बूते पर कर सकते हैं ,जितना हमसे हो सकता है ! और इन फ़ौज से कहना चाहते हैं की ये फ़ौज लौट कर तो तुझे अपने घर हीं जाना पड़ेगा तब तक सारे बिकल्पों पर चल कर देख लो ,आखिर लौट कर तो तुझे अपने घर हीं जाना है ! कैसे हो तुम ? झूठ ,बेईमानी से अपना आधार बनाते हो और दूसरों से भी वही चाहते हो ?
क्यों किसी के ईमानदारी से तुम तिलमिला जाते हो ?अपने दुराचार तुम्हे पसंद हैं, किसी के सदाचार को क्यूँ नहीं जीवित रहने देना चाहते हो ?
अपने लिए कोई नैतिकता नहीं ,मर्यादा नहीं -लेकिन दूसरों के नैतिकता और मर्यादा से क्यूँ बिफर उठते हो ?
मै बताऊँ कयूँ ऐसा है ? -------- क्यूंकि दरिन्दे होते जा रहे हो क्यूँ आपसी भाई चारा ख़त्म होता जा रहा है , मानवता मर गयी है तुम्हारे अन्दर की ! जो तुम्हे दिखाई देता है वो भी तुम्हे सत्य नजर नहीं आता! मेरे जख्म नहीं दिखाई देता तुझे तो मै झूठा हूँ !
और यह भी कहना चाहूँगा की किसी को मुर्ख ,लाचार समझाने की भूल न करो क्योंकि जो गरजता नहीं है वही बरसता भी है !!!!
Be Careful Dear
I will keep writting this blog tomorrow....
03-05-2010 STARTS FROM 11.45 AM

Again I am going to my home from their I will right something.....
मै हर नारी को सम्मान देता हूँ , सम्मान की दृष्टि से देखता भी हूँ ! लेकिन क्या करें जब कोई देवी ही हमारे ऊपर अंगुली उठा दे !,हम तो उसकी पूजा करना चाहे ,और वो मुझे गर्त में हीं गिराना शुरू कर दे ! फिर उसके साथ क्या किया जाये ?......................
ये शिकस्त का नहीं ये फ़तेह का रंग है, ज़िन्दगी हर कदम एक नयी जंग है !
ज़िन्दगी हर कदम एक नयी जंग है
तुने ही सजाये है मेरे होठों पे ये गीत
तेरी प्रीत से मेरे जीवन में बिखरा संगीत
मेरा सब कुछ तेरी दें है मेरे मन के मीत
मैं हू एक तस्वीर तू मेरा रूप रंग है
ज़िन्दगी हर कदम एक नयी जंग है
जीत जायेंगे हम , तू अगर संग है !
आग लगा कर हम रोशन कर लेंगे अंधियारों को
जीत जायेंगे हम , तू अगर संग है !
दुश्मन का दुश्मन हूँ वोह , दुश्मन के छक्के छुड़ा दे जो ,
में हूँ वोही , में हूँ वोही ..
तुम जानो , न जानो , मैंने थो जाना है , महेफिल में कैसा है कौन ,
अरे दीवानों मुझे पहेचानो , ज़रा पहेचानो , में हूँ आमोद !!!!!
आमोद !!!!!आमोद !!!!!आमोद !!!!!आमोद !!!!!आमोद !!!!!
03-05-2010 STARTS FROM 11.45 AM
रात में आकर आराम से रोटी खायेंगे ! अभी निकलते हैं !
अपनी आँखों का सुना -सुना इंतजार !!!!!!!
कुछ मजबुरिया हमारी जो हमें बांध देती है कई बन्धनों में ---और बंधन भी कैसा जिसका कोई नाम नहीं !!!!
पेन अगर पॉकेट में रखते हैं , तो लिखने भी आती हैं मुझे , दोनों हाथ से एक साथ लिखना भी जानता हूँ !
चन्दन अगर लगाते हैं तो , क्या बुराई हैं , कोई गलत कार्य अपने जानते हुए नहीं करता हूँ ! चन्दन लगाकर हमेशा चंचल स्वाभाव का बना रहता हूँ !
वर्ष 2000 में , हमको पटना से जमशेदपुर जाना पड़ा था एक बहुत ही बड़े आदमी के साथ चुकि टाटा स्टील में हम नौकर के रूप में उस समय पटना में पदास्थापित थे , नौकर थे टाटा स्टील का तो तत्काल आदेश का पालन करते हुए जाना परा |[ बड़े आदमी का नाम लिखना कहीं से भी उचित प्रतीत होता हैं ]
वे बड़े आदमी हमको अपने साथ ही पीछे गाड़ी या हेलीकाप्टर में साथ बैठा लिए करते थे , यह जानते हुए कि यह टाटा स्टील का अच्छा नौकर हैं , उस समय में भी मुझे टाटा स्टील का एक आवास जमशेदपुर में भी मिला हुआ था ,वह भी विधिवत रूप से |जबकि मैं पटना टाटा स्टील ऑफिस में पदास्थापित था |वहाँ पर उस समय हम जब जमशेदपुर पहुंचे तो VIP महोदय , Circuit हाउस में ठहरे और हमको बोला गया कि आप चाम्हरिया GUEST HOUSE में जाकर ठहरिये , लेकिन हम तत्काल बोले के मेरा आवास हैं मैं वहाँ रूकूंगा , और जाकर वहाँ आराम से सो गया |
दिन भर उन लोगो के साथ घूमना परा , { श्री अरुण नारायण सिंह, पूर्व में I.P.S थे और बिहार सरकार में D.I.G के पद पर पदास्थापित थे , उन्होंने अपना RESIGNATION देकर टाटा स्टील में अपना योगदान दिया था } रात में हम श्री अरुण नारायण सिंह , Vice President , TATA STEEL से बोले क़ी सर, हम पिछला दो दिन से घुमते घुमते थक गये हैं और कल सुबह रांची से विमान से बड़े व्यक्ति जायेंगे और हमें भी उन्ही के साथ जाना पड़ेगा , हम उनको येही प्रणाम कर लेते हैं , हाथ जोड़कर , क्योंकि हमलोगों के कंपनी का सारा कार्य भी लगभग हो ही चूका हैं .... और उनसे कहे क़ी सर, हमको भी टाटा स्टील वाला Airplane से ही अपने साथ पटना लेते चलिये ना ...... इस प़र वह तुरंत बोले अरे आमोद आप क्या बात करते हैं ? आप चल चलिये मेरे साथ , लेकिन थोड़ा बड़े साहब से पुछ लीजियेगा की कही उनको बुरा नहीं लगे , हम जान रहे हैं की आप परेशानी महसूस करते हैं उनलोगों के साथ चलने में , तब हम बोले नहीं सर उनसे जैसे कैसे भी हो अपना पिंड छुड़ा लेंगे हम जानते हैं , और यह कहते हुए मैं निकल गया अपने आवास प़र सोने के लिये |
सुबह होकर हम पिंड भी छुड़ा लिये बड़े साहब से , और निकल गये एअरपोर्ट के लिये , जब एअरपोर्ट पहुंचे तो देखे के जमशेदपुर Deputy Commissioner श्री संजय कुमार भी जाने के लिये पटना मौजूद थे , हम तो मुर्ख थे ही हम धीरे से डरते डरते [ चुकि छोटा नौकर थे हम टाटा स्टील के और श्री अरुण नारायण सिंह हमसे बहुत BIG नौकर थे टाटा स्टील के] इस लिये मेरा डरना स्वाभाविक था , और बोले सर DC साहब श्री संजय कुमार भी साथ ही जायेंगे क्या ? इस पर वे बोले अरे चुप रहिये हमलोगों को तो सबका ख्याल रखना ही परता हैं ना , और हम तत्काल आदेश के साथ चुप भी हो गये |
दिन भर उन लोगो के साथ घूमना परा , { श्री अरुण नारायण सिंह, पूर्व में I.P.S थे और बिहार सरकार में D.I.G के पद पर पदास्थापित थे , उन्होंने अपना RESIGNATION देकर टाटा स्टील में अपना योगदान दिया था } रात में हम श्री अरुण नारायण सिंह , Vice President , TATA STEEL से बोले क़ी सर, हम पिछला दो दिन से घुमते घुमते थक गये हैं और कल सुबह रांची से विमान से बड़े व्यक्ति जायेंगे और हमें भी उन्ही के साथ जाना पड़ेगा , हम उनको येही प्रणाम कर लेते हैं , हाथ जोड़कर , क्योंकि हमलोगों के कंपनी का सारा कार्य भी लगभग हो ही चूका हैं .... और उनसे कहे क़ी सर, हमको भी टाटा स्टील वाला Airplane से ही अपने साथ पटना लेते चलिये ना ...... इस प़र वह तुरंत बोले अरे आमोद आप क्या बात करते हैं ? आप चल चलिये मेरे साथ , लेकिन थोड़ा बड़े साहब से पुछ लीजियेगा की कही उनको बुरा नहीं लगे , हम जान रहे हैं की आप परेशानी महसूस करते हैं उनलोगों के साथ चलने में , तब हम बोले नहीं सर उनसे जैसे कैसे भी हो अपना पिंड छुड़ा लेंगे हम जानते हैं , और यह कहते हुए मैं निकल गया अपने आवास प़र सोने के लिये |
सुबह होकर हम पिंड भी छुड़ा लिये बड़े साहब से , और निकल गये एअरपोर्ट के लिये , जब एअरपोर्ट पहुंचे तो देखे के जमशेदपुर Deputy Commissioner श्री संजय कुमार भी जाने के लिये पटना मौजूद थे , हम तो मुर्ख थे ही हम धीरे से डरते डरते [ चुकि छोटा नौकर थे हम टाटा स्टील के और श्री अरुण नारायण सिंह हमसे बहुत BIG नौकर थे टाटा स्टील के] इस लिये मेरा डरना स्वाभाविक था , और बोले सर DC साहब श्री संजय कुमार भी साथ ही जायेंगे क्या ? इस पर वे बोले अरे चुप रहिये हमलोगों को तो सबका ख्याल रखना ही परता हैं ना , और हम तत्काल आदेश के साथ चुप भी हो गये |
After that with Mr. A.N. Singh and Mr. Sanjay Kumar, (DC, Jamshedpur) टाटा स्टील के Aircraft में बैठकर उड़ान ले लिये पटना के लिये |
पटना आकर जो समस्या खड़ा हुआ उसको अभी लिखना बाकि हैं |
जैसे ही जहाज़ पटना एअरपोर्ट प़र Aircraft Hanger में हम लोगो का विमान खड़ा हो ही रहा था कि देखे एक सुंदर गाड़ी जिस प़र खूब सुंदर VIP light लगा हुआ हैं तेजी से विमान के पास सटा कर खड़ा कर दिये, मेरे सर (BOSS) अरुण बाबु बोले लीजिये आमोद आपकी गाड़ी आ गयीं , हम बोले सर जरूर किसी ने बदमाशी क़ी हैं क्योंकि यह तो हमारे घर क़ी प्राइवेट कार हैं , और हमको लगा क़ी कूद कर जान दे दे , उस ड्राईवर साहब ने मेरे को इतना बेशर्म साबित कर दिया क़ी हम बता ही नहीं सकते हैं , ...उसके बाद हम अपने सर अरुण बाबु को गाड़ी में बैठा कर आ गये , श्री संजय कुमार , D.C. अपनी प्राइवेट कार से चले गये और हम बाहर आकर अपनी गाड़ी में बैठे | हमने सीधा सवाल ड्राईवर साहब से किया क़ी आपने ऐसा क्यों किया ? चुकि सरकारी ड्राईवर थे और उनको हम कभी देखे भी नहीं थे , ड्राईवर साहब ने जबाब दिया क़ि सर हम तो आपकी इज्जत बढ़ाने के लिए ऐसा किये , हम बीच में ही बोले रोकिये गाड़ी , आपको किसने भेजा था यहाँ ? और आपने क्या सोंचकर हवाई जहाज से 1 METER क़ि दुरी पर गाड़ी लगा दिये ?????
ड्राइवर साहब बोले की हमको हवलदार साहब बोले थे , लेकिन हम जानते थे की हवलदार साहब BMP-१ गोरखा पुलिस के जवान थे ,और बेचारे बहुत सीधे भी थे ! हमने ड्राइवर साहब से कहा की आप ज्यादे काबिल मत बनिए, और हवलदार साहब आप इनको अभी बोलिए की पेड़ पर चढ़ कर कूदें ! और हमें तो पता ही था की चमचा टाईप का ब्यक्ति क्यों कूदेगा ?फिर हमने ड्राइवर साहब से कहा कि उतरिये आप इस कार से , क्योंकि यह कोई सरकारी नहीं बल्कि मेरे बाप की कार है ! और मैंने तुरंत उस पर से लाल -पीला लाइट तोड़ कर रास्ते के साइड में फेंक दिया !क्योकि मुझे पता था की मै साधारण सा ब्यक्ति हूँ और घर जाकर अपने पिता को इस बात की सूचना दी ! पिताजी ने तुरंत ड्राइवर साहब को मुख्यालय जाने का आदेश दे दिए ! लेकिन मै पूरी रात शर्म के मारे सो नहीं पाया की .........हमारे बॉस श्री अरुण नारायण सिंह साहब क्या सोंचते होंगे ? WAIT.........I AM GOING OUT..........OK
Again I am going to my home from their I will right something.....
मै हर नारी को सम्मान देता हूँ , सम्मान की दृष्टि से देखता भी हूँ ! लेकिन क्या करें जब कोई देवी ही हमारे ऊपर अंगुली उठा दे !,हम तो उसकी पूजा करना चाहे ,और वो मुझे गर्त में हीं गिराना शुरू कर दे ! फिर उसके साथ क्या किया जाये ?......................
जिन्दगी की इस आज़ादी का एक अलग ही मजा हैं !
मैं हूँ आजाद भारत का गुलाम सिपाही !
हौसला ना छोड़ कर सामना जहान का , बदल रहा है देख रंग आसमान का,
ये शिकस्त का नहीं ये फ़तेह का रंग है, ज़िन्दगी हर कदम एक नयी जंग है !
04 APRIL 2010
जीत जायेंगे हम , तू अगर संग है !
ज़िन्दगी हर कदम एक नयी जंग है
तुने ही सजाये है मेरे होठों पे ये गीत
तेरी प्रीत से मेरे जीवन में बिखरा संगीत
मेरा सब कुछ तेरी दें है मेरे मन के मीत
मैं हू एक तस्वीर तू मेरा रूप रंग है
ज़िन्दगी हर कदम एक नयी जंग है
जीत जायेंगे हम , तू अगर संग है !
रोज़ कहा ढूंढेंगे ये सूरज चाँद सितारों को
आग लगा कर हम रोशन कर लेंगे अंधियारों को
जीत जायेंगे हम , तू अगर संग है !
मेरे प्रिय मित्र प्रभात जी, हम लोग तो डेली सिनेमा देखने जाते थे Hostel से वह भी रात में , तुमको यार याद भी नहीं रहता हैं क्या ?, हमको तो जब कोई काम नहीं रहता था तो तब ना सोने चले जाते थे , नहीं तो हम तो रात भर जगकर , जब किसी की भी तबियत ख़राब हो जाती थी पैर हाथ दबाते रहते थे , हम तो सिर्फ सबको मना करते थे की यार पढने वाला काम रात में मत करो , क्योंकि रात सोने का होता हैं उसमे नहीं समझ पावोगे , इस लिये सुबह पढ़ा करो , हमसे ज्यादा तो कोई भी नहीं जगता था फर्क सिर्फ इतना था की हम रात में पढने वाला काम नहीं करते थे |Am I right or Wrong ? please reply truly.....तुम तो प्रभात हमको सब लोग के नजर में देह चोरवा ही बनवा दोगे क्या ?
शुद्ध मन ,शुद्ध व्यवहार तथा शुद्ध विचार रखना सदैव सुखदायी हैं .....
अरे दीवानों मुझे पहेचानो , ज़रा पहेचानो , मैं हूँ कौन ..
अरे यारों का , जो यार हूँ , यारी में यह जान लुटा दे जो ,
में हूँ वोही , में हूँ वोही ..दुश्मन का दुश्मन हूँ वोह , दुश्मन के छक्के छुड़ा दे जो ,
में हूँ वोही , में हूँ वोही ..
तुम जानो , न जानो , मैंने थो जाना है , महेफिल में कैसा है कौन ,
अरे दीवानों मुझे पहेचानो , ज़रा पहेचानो , में हूँ आमोद !!!!!
आमोद !!!!!आमोद !!!!!आमोद !!!!!आमोद !!!!!आमोद !!!!!
गीता सार :चित्त की चंचलता पर अंकुश अर्थात् शुद्ध व्यवहार जो परमार्थ ही है। सतत, नियमित और परिमित आचरण अर्थात् इन्द्रियों पर सतत पहरा रखना। सम-भाव और परमात्मा की सर्वव्यापकता का सतत ......
क्षमाशील
आमोद कुमार
पाटलिपुत्र , बिहार , हिंदुस्तान

6 comments:
Attractive element of content. I just stumbled upon your weblog and in accession capital to say that I get
actually loved account your weblog posts. Anyway I'll be subscribing to
your augment or even I fulfillment you get right of entry to constantly fast.
Here is my web-site; LakieshaIViser
whoah this blog is excellent i really like reading your posts.
Keep up the good work! You understand, lots of persons are hunting
around for this info, you can help them greatly.
my homepage: EveSSaik
Just wish to say your article is as amazing. The clearness to your put up is just spectacular and that i could assume you are a professional in this subject.
Well along with your permission let me to grab your feed to
stay up to date with approaching post. Thanks 1,000,000 and please continue the rewarding work.
my site ... JohnathonNGanaway
I always spent my half an hour to read this website's posts everyday along with a mug of coffee.
Here is my site - CristopherBPadovani
I know this site provides quality based posts and
extra material, is there any other web site which
gives these kinds of data in quality?
Also visit my web-site quest bars
obviously like your web-site however you have to check the spelling
onn several of your posts. A number of them are rife with spelling problems and I find it very bothersome to tell the reality however I'll surely come
again again.
my siite ... natural clear vision download
Post a Comment