एक दिन की बात हैं ,जैसे ही रात में पिताजी घर आये माँ से बोले जल्दी से खाना दीजिये , माँ ने कहा क्या बात हैं आपके साथ हमेशा से विश्वासघात कुछ लोग करते आ रहे हैं और अभी भी किये हैं , और तब भी आप इतना खुश हैं , पिताजी ने माँ से कहा अरे आप क्या बात करती हैं , विश्वासघात किसी ने हमारे साथ किया हैं हमने नहीं , इस लिये आज तो मैं और भी खुश हूँ की किसी की दी हुई प्रतिष्ठा से तो हमको उस व्यक्ति का गुलाम बनकर जीना पड़ता , इस लिये आप भी खुश हो जाईये ... हम कमसे काम गुलाम बनने से तो बचे . हम भी सीढ़ी के पास से सुन रहे थे ,मेरा भी मन पिताजी का जबाब सुनकर खुश हो गया ........
हम हमेशा किसी भी गल्ती में अपने आपको ही भगवान के सामने दोषी ठहराते हैं की जरूर हम कोई पाप किये होंगे तभी तो जो चीज चाहते हैं नहीं मिलता हैं ...लेकिन जब भी सोंचने बैठते हैं तो पता ही नहीं चलता हैं कि आखिर ऐसा कौन सा अपराध हम किये हैं भाई समझ में ही नहीं आता हैं , जो लोग ना जाने कितने सारे भयंकर नरसंघार के प्रणेता हैं, हत्या, अपराध, अपहरण, बलात्कार जिनके लिये बहुत ही आम बात हैं , वे लोग जनता के रहबर बने घूम रहे हैं , और मेरे जैसा आदमी बैठकर कबीरदास जी की कही बातो प़र अपने अन्दर अपनी ही बुराई तलाशते रहते हैं ....But I think Time is Over ......हमने ऐसा कोई भी छोटी या बड़ी गलती नहीं की हैं की इतना गहन चिंतन करे ...हां एक गल्ती
की हैं जिसको शायद पुरा जीवन करते रहूँगा ... आदमी भी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ , जिसकी सजा निर्दयी मनुष्य लोग हमें देते हैं .....और जो मनुष्य हैं ही नहीं उनकी बात करना भी बेकार !
बस यही अपराध मैं, हर बार करता हूँ
हम हमेशा किसी भी गल्ती में अपने आपको ही भगवान के सामने दोषी ठहराते हैं की जरूर हम कोई पाप किये होंगे तभी तो जो चीज चाहते हैं नहीं मिलता हैं ...लेकिन जब भी सोंचने बैठते हैं तो पता ही नहीं चलता हैं कि आखिर ऐसा कौन सा अपराध हम किये हैं भाई समझ में ही नहीं आता हैं , जो लोग ना जाने कितने सारे भयंकर नरसंघार के प्रणेता हैं, हत्या, अपराध, अपहरण, बलात्कार जिनके लिये बहुत ही आम बात हैं , वे लोग जनता के रहबर बने घूम रहे हैं , और मेरे जैसा आदमी बैठकर कबीरदास जी की कही बातो प़र अपने अन्दर अपनी ही बुराई तलाशते रहते हैं ....But I think Time is Over ......हमने ऐसा कोई भी छोटी या बड़ी गलती नहीं की हैं की इतना गहन चिंतन करे ...हां एक गल्ती
की हैं जिसको शायद पुरा जीवन करते रहूँगा ... आदमी भी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ , जिसकी सजा निर्दयी मनुष्य लोग हमें देते हैं .....और जो मनुष्य हैं ही नहीं उनकी बात करना भी बेकार !
बस यही अपराध मैं, हर बार करता हूँ
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ
एक खिलौना बन गया दुनिया के मेले में
कोई खेले भीड़ में ,कोई अकेले में
मुस्कुरा कर भेंट हर स्वीकार करता हूँ
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ
हूँ बहुत नादान करता हूँ ये नादानी
बेच कर खुशियाँ ,खरीदूं आँख का पानी
हाथ खाली हैं मगर, व्यापार करता हूँ
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ
मैं बसाना चाहता हूँ ,स्वर्ग धरती प़र
आदमी जिस में रहे, बस आदमी बन कर
उस नगर की हर गली ,तैयार करता हूँ
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ .....और करता रहूँगा आजीवन !!!!!!
सब नियति का खेल हैं ...यह जो एक विराट खेल चल रहा है,उसमें हमारी स्थिति बहुत गौण और दयनीय है। बिल्कुल शतरंज के मोहरों के जैसे जहाँ खेल खेलने वालों की इच्छाओं के हम सिर्फ साधन मात्र हैं। इस बात का ज्ञान उसे भी है,जो ये खेल खेल रहा हैं। और उसे यह भी पता है कि यदि हम यहाँ केवल कष्ट ही कष्ट पाते रहे तो बहुत जल्द ही थककर बैठ जाएंगें या फिर मैदान छोडकर भाग जाएंगें। इसलिए हमारे उत्साह को बनाए रखने के लिए प्रलोभन के रूप में समय समय पर कुछ न कुछ थोडा बहुत सुख भी हमें दे दिया जाता है। प्रलोभन के चक्कर में हम पड़ते भी नहीं हैं , क्योंकि हम जानते हैं , जो खुद सब कुछ रहते हुए भिखारी हैं , हमें क्या दे सकता हैं ?
......आमोद कुमार,
पाटलिपुत्र , बिहार , हिंदुस्तान
9 comments:
Pretty! This was an incredibly wonderful post. Thanks for supplying this information.
Feel free to visit my homepage IgnacioRKinkaid
Nice weblog here! Also your web site loads up fast! What host are you using?
Can I get your associate link on your host?
I desire my site loaded up as quickly as yours lol
My web blog AlbertaKLaudermilk
I know this website presents quality based content
and additional data, is there any other site which offers these kinds of stuff in quality?
Here is my page :: FelixNDarity
Hi there, I read your new stuff like every week.
Your writing style is awesome, keep up the good work!
Here is my site :: BritanyGLauderdale
Hi there every one, here every person is sharing these kinds
of know-how, therefore it's nice to read this weblog,
and I used to pay a quick visit this webpage everyday.
Check out my web site CathrineKLupul
When someone writes an article he/she maintains the plan of
a user in his/her brain that how a user can know it.
Thus that's why this piece of writing is amazing. Thanks!
Here is my page ... DarrelPSpeelman
Hi, for all time i used to check blog posts here in the early hours
in the morning, as i like to find out more and more.
Stop by my page: DeidraGPurkey
Woah! I'm really enjoying the template/theme
of this website. It's simple, yet effective.
A lot of times it's very hard to get that "perfect balance"
between usability and visual appearance. I must say that you've done a superb job with this.
In addition, the blog loads very quick for me on Firefox.
Outstanding Blog!
Also visit my page; ZoeSGillick
Hi there, I enjoy reading all of your post. I like to write a little comment to support you.
Feel free to surf to my homepage; DorianNStuekerjuerge
Post a Comment