वाह क्या सुंदर सुंदर मंदिर हैं ???? कितना अच्छा लगता हैं देखने में ,शायद ही नहीं पुर्णतः पत्थर की ही बनी हुई है , प़र हम क्या करे , मेरे लिए तो सबसे सुंदर मंदिर तो मेरे माता पिता का घर हैं ........मुझको तो मुहब्बत हैं इन्ही से ......
मेरी माँ पिछले दो तीन महिना से नाक के दर्द से के परेशान थी , दर्द इतना जोड़ का होता था , क़ि बेचारी रात भर दर्द से सो भी नहीं पाती थी , 15 दिन पहले ऑपरेशन से ठीक हुआ है |
अब पिछले चार दिन से गर्मी के कारण पिता जी को भी घाव हो गया , जिसके कारण वो भी रात भर कराहते रहते थे दर्द से और सो भी नहीं पाते थे , उनको भी ऑपरेशन कराना पड़ा तब ठीक हुआ जाकर और आज सुबह सुबह ही निकल गये दौरा प़र मुझे भी अच्छा क्योंकि मेरे पिता जी का यह नियमित कार्यक्रम है |
मेरा माँ रोज पूजा करती हैं , मेरे पिता जी कभी पूजा नहीं करते हैं , लेकिन माँ को मना भी नहीं करते हैं और ना ही हम भी माँ को मना करने क़ि हिम्मत रखते हैं , और खुद भी देख रहे हैं किसी तरह क़ि पाप वे लोग नहीं करते हैं , मैं रात में अकेले में खूब रोता भी हूँ , क़ि आखिर क्या कसूर हैं इन लोगो का , अपनी यह पीड़ा मैं किसी को कह भी नहीं पाता हूँ |
आज सारे ज्ञानी व्यक्तियों क़ी अपमान चारो तरफ क़ी जाती हैं , पूजा की जाती हैं उन व्यक्तियों जो दर्जनों हत्या , अपहरण जैसे जघन्य अपराध करते हैं , उन विद्वानों की नहीं जो अपना समय ईश्वर की भक्ति और लोगो की मदद में दिन रात अपना समय गवाते हैं |
"ये रोते हैं लेकिन दिल में, ये हंसते हैं लेकिन दिल में , ये गाते हैं पर महफ़िल में"
क्यों अपनी पूजा करवाकर अपने ही भक्तो के साथ अन्याय करते हो भगवान शंकर ? अपने ही भक्तो की अपमान करना बंद करो ? , अगर तुम में हिम्मत हैं तो हमसे लड़ो , जो सजा देनी हैं हमको दो , उनलोगों को मत दो , जो दिन रात तेरी पूजा करते हैं , उनकी आस्था को मत तोड़ .....अगर येही स्थिति तुम्हारी बनी रही हो तो सोंच क्या होगा तेरा , तुम अकेले मंदिर मैं बैठे ना रह जायो , इस लिए मैं चिंतित हूँ |
मैं तो तुमसे ऐसे कुछ भी नहीं मांगता हूँ , क्योंकि तू तो सबसे बड़ा फकीर हैं
तुने तो तांडव नृत्य किये थे, माँ पार्वती को अपमानित होता देख , तुम हो सबसे बड़ा स्वार्थी ????????? तुने तो भष्मासुर जैसे राक्षस को सम्मानित किया था ?????? प़र आज भी देख मेरे सब्र का बांध नहीं टूट रहा हैं ..........
भोले...... ओ भोले.. , तू रूठा दिल टूटा .......
क्या होगा फिर तेरा गौरी जो रूठ जाए ,
शंकर तेरे माथे का चंदा जो टूट जाए ,
डम डम डम डमरू ना बाजे ,
बम बम बम फिर तू ना नाचे ,
यह गाना देख मैं तेरे लिए नही गाता हूँ , गाता हूँ तेरे भक्तो के लिए , क्योंकि जिनसे तुम अपनी पूजा करवाते हो मैं उनकी पूजा करता हूँ , कहीं वो ना हमसे रूठ जाये ......
शक्ति तो शेरनी का दूध है! इसे हासिल करना और पचाना दोनों बराबर मुश्किल है। मैंने भी भोले, शेरनी माँ का ही दूध पिया हैं |
अरे तू क्या सोंच रहा हैं क़ि मैं कोई राजा बनने क़ि लिए बेचैन हूँ ........ मैं तुमसे और तुमसे ही बोल रहा हूँ , जिस दिन यह इच्छा जागेगी ना उस दिन तेरे पास मैं नहीं आयूंगा .......तुझे तो मालूम हैं क़ि सम्राट अशोक ने तो अपने 100 भाइयो क़ि हत्या कर सम्राट अशोक बने थे ........ मुझे जिस दिन भी सम्राट बनने की इच्छा जागेगी ना , उस दिन मैं अपने लाखो भाइयो क़ि हत्या जरूरत पड़ी ना , तो भी कर दूंगा और सम्राट बनके दिखा भी दूंगा .........
इस लिए ऐसी कोई गलती ना कर .....तू मुझे जितनी सजा देनी हैं दे , लेकिन अपने मंदिर के पूजारियो जो सच्ची आस्था से तेरी पूजा करते हैं ...उनको तू सजा देना बंद कर , वर्ना तू अकेला रह जायेगा शंकर , कोई सुनने वाला नहीं मिलेगा तेरी डमरू की आवाज़ ?????? अरे देख अपने माथा का चंदा, कहीं ना टूट जाए |||||यह तुम्हारी इज्ज़त हैं , बचा अपनी इज्ज़त ||||||
वो भक्त तो आज भी तेरी गुणगान , पूजा करते नहीं थक रहे हैं ....हम फिर रात में लिखेंगे अभी मैं चला रोते रोते, क्योंकि अभी मुझे अपने भगवान पिता से मिलने जाना हैं ......!!!!!!!!!!
देख मैं घर आ गया भोले , हमने पिता को पता भी नहीं चलने दी , क़ि आज हम सिर्फ रो ही रहे हैं , अभी भी रो रहे हैं यह तुम जान रहे हो ....सिर्फ तुम भोलेनाथ .......यहाँ प़र भी तुम्हारी हार हैं , तुम क्या सोंचे , हम संतुलन खोकर रोने लगेंगे अपने पिता के सामने .......नहीं भोलेनाथ ....मैंने बिना चेहरा पे शिकन बिना लाये ......अपने पिता से बात की........और अब तो रूम में हूँ .|
मेरा यह लेख अभी जारी रहेगी भोलेनाथ , थोड़ा तू मुझे स्नान कर लेने दे......
""""भगवान शंकर क़ी अराधना में मुझे असीम शक्ति क़ी प्राप्ति होती है ......जय भोलेनाथ"""""""उपरोक्त बाते मैं इस लिए लिखता हूँ , की अच्छे लोग समझे मैं अच्छा आदमी हूँ , खूब आराधना साधना करनेवाला , लेकिन तुम्हे पता हैं ऐसी कोई बात नहीं हैं .........मेरा मन तुमसे बिलकुल उब चूका हैं |मेरे पिता लगातार चुनाव हारते ही आ रहे हैं .......लेकिन हम और हमारे पिता कभी नहीं रोये ........मेरी माँ , भाई , पत्नी, सब खूब रोते हैं, चुनाव हारने के कारण , यहाँ तक की मेरे सम्बन्धीगण भी आकर झूठ मूठ का रोना शुरू कर देते हैं ....... हम और हमारे पिता उन्हें डांट कर भगाते हैं .....
एक दिन हमने भी अपने पिता से हार का कारण पुछा तो वह बोले क़ि अरे आमोद तुम भी मुर्ख हो क्या ......चुकि हम जिनके लिए कार्य करते हैं , वह तो बिलकुल ही अनपढ लोग हैं , उनके बच्चे को रहने के लिए घर नहीं हैं ....पीने के लिए पानी नहीं हैं ,..जिस दिन वे लोग शिक्षित हो जायेंगे , उस दिन से वे लोग अपना वोट मुझे ही देंगे , हम हारे थोड़े ही हैं |[चुकि समाज में जात पात क़ी मोह माया हैं , इस लिए मुझे वोट ना देकर एक अपराधी को वोट दिए हैं ,]
.......अब देख भोलेनाथ मेरे पिता क़ी भाषा , वो तो आज भी अपनी जीत का ही दावा करते हैं , और मैं भी उनके उतर से पूर्ण रूप से संतुष्ट हो जाता हूँ.
......अब यहाँ प़र भी तुम्हारी हार हैं भोलेनाथ .....तुम तो खुश होगे राक्षस को जीता दिए ..और एक गरीबो का दुःख सुख बाटने वाले को हरा दिए .......अब तू खुश मत हो क्योंकि मेरे पिता तो पूर्ण रूप से खुश हैं .....परेशान तो तू उन्हें करता है . तरह तरह क़ी संकट में डालकर ......
मेरा यह आग्रह हैं क़ी तू मुझे संकट में डालता रहा , क्यों मेरे पिता को परेशान करता हैं ??????
और हम तो ह़र समय तुम्हारा दिया दुख तुम्हारा झेलने के लिए तैयार बैठे हैं |
इतना अच्छा गाड़ी चलाता हूँ , और कोई धक्का पीछे से मारे मुझे थोड़ा भी अफ़सोस नहीं हुआ , मैं नहीं चला गया तेरी मंदिर में क़ी मुझे संकट से उबारो .......मैं तो चाहता हूँ , उन सभी महात्मा लोग का कष्ट मुझे देता रह , लेकिन उन लोगो को तो मत तंग करो , लेकिन आप तो बिलकुल ही समझने के लिए तैयार ही नहीं हैं ........क्योंकि डरते हैं आप हमसे .....मैं तो बिलकुल ही नास्तिक व्यक्ति हूँ .....मैं आपका अच्छी तरह पुरा बोखार झार दूंगा ........
प्यार की दुनिया में खुश रहना मेरे यार
इस झूट की नगरी से तोड़ के नाता जा मेरे प्यार
अमर रहे तेरा प्यार, अमर रहे तेरा प्यार,
खुश रहना मेरे यार खुश रहना मेरे यार
धरती अम्बर भींग जाये , नैनो को नहीं भिंगोना ....
रोते रोते हँसना सीखो , हस्ते हस्ते रोना ......
हँस बेटा हँस
खुश रहना मेरे यार खुश रहना मेरे यार
धरती अम्बर भींग जाये , नैनो को नहीं भिंगोना ....
रोते रोते हँसना सीखो , हस्ते हस्ते रोना ......
हँस बेटा हँस
कहा जाता है कि एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है।
नज़र वो जो दुश्मन पे भी
मेहरबान हो
जुबां वो जो इक प्यार की
दास्तान हो
किसी ने कहा है
मेरे दोस्तों
बुरा मत सुनो बुरा मत देखो
बुरा मत कहो
विरोधी के असावधान रहते ही उसके रहस्य को जान लेना दुश्मनों के बीच दोस्त खोज लेने की दक्षता
लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती
बिना मतलब के फोन कॉल से मैं परेशान हो जाता हूँ ......
आज की सबसे अनिवार्य मैनेजमेंट क्वॉलिटी है कि अच्छे लोग अपना विनोदी स्वभाव हर सिचुएशन में बनाए रखते हैं। हर हाल में मस्त रहना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
सूरज चंदा तारे जुगनू
सबकी अपनी हस्ती है
जिसमें जितना नीर हो बदली , उतनी देर बरसती है
तेरी शक्ति अपार , तू तो लाया रे अकेला गंगा
धरती पे उतार , हिम्मत ना हार ...
हिम्मत ना हार , चल चला चल अकेला चल चला चल ...
फकीरा चल चला चल ........
आज सुबह 11:15 AM को अकेले गाड़ी चलाते हुए, साथ साथ पुरे रास्ते रोते हुए आया हूँ , 11.35 AM में ऑफिस पहुंचे हैं ....यहाँ पर तरह तरह के लोग कुछ लिखने ही नहीं दे रहे हैं , लेकिन आज जोरदार लिखूंगा .......क्योंकि मामला मेरे माता पिता का हैं ......[मैं अपनी ख़ुशी के लिए लिखता हूँ . ना की अपना प्रचार करने के लिए ]
कठिनाइयों में जो निर्भयता और साहसपूर्वक साथियों का सहायक और मार्गदर्शक बन सके लक्ष्य प्राप्ति हेतु जिसमें उत्साह और जोश, धैर्य और लगन हो, कठिनाइयों पर विजय पाने, परिस्थितियों को अपने अनुकूल कर लेने का संकल्प और क्षमता हो वही तो नेतृत्व कर सकता है।
आपने भोलेनाथ , आज तक मंदिर की दीवारों और मंदिर की घंटियों की आवाज़ देखा है भोलेनाथ , आमोद की हिम्मत का फौलाद नहीं देखा हैं |
इसलिए हे भोलेनाथ , एक बार मेरी इज्ज़त बचा दीजिये , दिखायिए अपना चमत्कार और खुश कर दीजिये अपने उस भक्त को जो चारो दिशाओ में हरदम गरीबो का रहबर हैं , सबकी सुनता हैं , लेकिन अपना दर्द किसी को नहीं सुनाता हैं , सच्ची मन से आपकी आराधना करता हैं , खोलिए अपना तीसरा नेत्र और दिखाईये अपना चमत्कार ...क्योंकि आपके चमत्कार में ही आपकी जीत हैं , अब मत और रुलायिये हमको .. और आपकी कसम भोलेनाथ ऐसी पूजा यह नास्तिक आपकी करेगा जो किसी बड़े से बड़े पुजारी ने भी नहीं की होगी |
आमोद कुमार
पाटलिपुत्र , बिहार , हिंदुस्तान





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