Thursday, April 29, 2010

साथियो हमें नया इतिहास बनाना है !

ज़ुल्म करने से बुरा है , ज़ुल्म सहन करना , डर के जीने से अच्छा है सामने लडके मरना भाई !
जुल्म ना ज़ालिम का अधिकार रहेगा दुनिया में कुछ रहेगा तो बस प्यार रहेगा !
हम सबको जगा देंगे इस हाथ से, बस तुम अपने  हाथ को मेरे  साथ मिला दो
सच्चाई से हम  झूठ क़ी  बुनियाद हिला देंगे
वक़्त क़ी आवाज़ से आवाज़ मिला देंगे , जनता के हाथ क़ी ताकत जगा देंगे
आदमी ना आदमी का गुलाम रहेगा , ना ही सीना जोरी और ना ही इंतकाम रहेगा
आगाज़ ना अंजाम रहेगा जो बाकी रहा तो खुदा का नाम रहेगा

हिंदुस्तान में कुछ रहेगा तो बस प्यार रहेगा | 

आमोद कुमार

पाटलिपुत्र , बिहार , हिंदुस्तान

No comments: