ज़ुल्म करने से बुरा है , ज़ुल्म सहन करना , डर के जीने से अच्छा है सामने लडके मरना भाई !
जुल्म ना ज़ालिम का अधिकार रहेगा दुनिया में कुछ रहेगा तो बस प्यार रहेगा !
हम सबको जगा देंगे इस हाथ से, बस तुम अपने हाथ को मेरे साथ मिला दो
सच्चाई से हम झूठ क़ी बुनियाद हिला देंगे
वक़्त क़ी आवाज़ से आवाज़ मिला देंगे , जनता के हाथ क़ी ताकत जगा देंगे
आदमी ना आदमी का गुलाम रहेगा , ना ही सीना जोरी और ना ही इंतकाम रहेगा
आगाज़ ना अंजाम रहेगा जो बाकी रहा तो खुदा का नाम रहेगा
हिंदुस्तान में कुछ रहेगा तो बस प्यार रहेगा |
आमोद कुमार
पाटलिपुत्र , बिहार , हिंदुस्तान
No comments:
Post a Comment