आदरणीय मुख्यमंत्री जी , आपसे मुझे बहुत ही आशा हैं आज भी और शायद आगे भी रहे, बिहार के विकास के लिए |
आप एक कठोर प्रतिज्ञा के धनि व्यक्ति हैं , आपका कोई निजी स्वार्थ भी नहीं हैं, मुद्दा है सिर्फ बिहार के विकास का | यह सभी लोग जानते भी हैं | मुख्यमंत्री बनने की चाहत बिहार के विकास के लिए आपकी इच्छा इतना प्रबल थी , क़ि आप 2005 के चुनाव में बहुमत के लिए जहाँ नहीं भी जाना चाहिए था वहाँ भी गये , पुरे बिहार के लोग देख भी रहे थे , लेकिन आपका सपना पूरा कर दिखाया बिहार क़ि जनता ने पूर्ण रूप से स्पस्ट बहुमत देकर और आपको मुख्यमंत्री के पद से सुशोभित किया गया .... आपने शुरू के दौर में इतना अधिक विकास करना शुरू किया किया
क़ि बिहारवाशी गदगद हो गये क्योंकि आपने हमेशा विकास में रोड़ा अटकाने वालो के प्रति कठोर से कठोर निर्णय शुरू के दौर में लिया , आप लफंगे नेतागण से भी मिलने से हमेशा परहेज करते रहे , जो की एक अच्छे शासन के लिए बहुत ही अच्छा निर्णय है आपका .....मैं ही नहीं पुरे बिहारवाशी गौरवान्वित थे , हम भी एक दूसरे दल के कार्यकर्ता रहते हुए भी आपकी विकास की गाथा गाते रहते हैं ,कहीं से नहीं डरते थे , ना ही किसी की प्रवाह करते थे, ....[ आपको शायद अभी याद ना हो , मेरे पिता ने हमको NEW DELHI से फ़ोन करके एक नंबर दिया और बोले क़ि जल्दी से इस नंबर पर बात करो श्री नीतिश कुमार , माननीय रेल मंत्री , तुमसे बात करेंगे , हमने अपने आवास के दूरभाष संख्या ----0612-2285220 से तुरंत आपको फ़ोन भी लगाये और आदरपूर्वक प्रणाम किये , आपने अपनी महानता का परिचय दिया और हमसे बोले क़ि आमोद तुम फ़ोन रखो , हम इधर से लगाते हैं और आपने उधर से फ़ोन लगाकर 15 MINUTE या उस से अधिक देर तक बात भी क़ी ..….. As a Rail Minister, Government Of India .. और हमको आपने बहुत ही प्यार से ( शायद अपने पुत्र से भी बढ़कर )नौकरी नहीं छोड़ने क़ी प्रेम पूर्वक समझाया भी , लेकिन हम नहीं समझे , और आज भी खुश है आपकी सलाह नहीं मानकर ||||>>>>>>]
कुछ दिनों बाद आपने भी उन ही कार्यो को शुरू कर दिया जो की पूर्व की राजनीति से होता आया था , '''''''''वोट क़ि राजनीति " उन ही लोगो का नाम शुरू कर दिया जिनसे बिहार के लोग डर से कापने लगते है , शायद किसी ने आपको दिगभ्रमित किया हो , इतिहास गवाह है क़ि अच्छे अच्छे विद्वान भी दिगभ्रमित होते रहे हैं , कोई नयी बात नहीं हैं .....जाने दीजिये इन बातो को और देखिये लोकसभा के परिणाम , जनता ने आपको अपने मतदान के माध्यम से यह सन्देश दिया ... क़ि मुख्यमंत्री जी आप विकास कीजिये , कठोर निर्णय लेते रहिये , हमको आपसे अच्छा मुख्यमंत्री नहीं मिलेगा ....... आप वोट क़ि चिंता ना करे और विकास करे ......
लेकिन आपकी समझ कहाँ चली गई हैं हम क्या पुरे बिहार की जनता नहीं समझ पा रही हैं ... आप दिन रात जातीय समीकरण बनाने में लगे हैं , जो महान व्यक्ति श्री नीतीश कुमार हमेशा दूसरो क़ि निंदा छोड़ , हमेशा विकास में लगे रहते थे , उसी निंदा करने में संलिप्त हो गये हैं ....बिहार में गुंडा , माफिया आदि आदि गण शांत बैठे हुए हैं आपके प्रताप से ... ना की आपके प्रशासन के लोग से ..... आप यह क्यों भूल जाते हैं की जो AK47, 56, SLR Etc. लेकर चलने वाले व्यक्ति थे उनको आपने अपनी डंडा से शुद्ध कर दिया .... आप अपने अंदर की प्रतिभा को शायद भूल चुके है . तभी आप शायद विचलित हो गये है ....
हम हर एक आदमी की बात सुनने का प्रयास कर रहे हैं , आपके सामने कोई बोलने की हिम्मत नहीं रखता हैं इस लिए नहीं बोल पाता हैं .....आम जनता को यह विस्वाश हैं की आपके जैसा कोई दूसरा मुख्यमंत्री नहीं मिल पायेगा , क्या होगा फिर कोई दूसरा मुख्यमंत्री बन गया बिहार का तो ??????????? श्री नीतीश कुमार जी से अच्छा मुख्यमंत्री इस बिहार को मिल ही नहीं सकता हैं यह मेरा भी मानना है ..... लेकिन आप तो पता नहीं किस धून में चले गये हैं ? सबलोग चिंतित है इस बात से , सिवाय आपके |
हम आपकी पार्टी के हैं ही नहीं तो, स्वाभाविक आपकी अच्छी बातो को भी जनता के सामने बुडे ढंग से प्रस्तुत करेंगे ही , हम लोग ऐसे व्यक्ति में से तो हैं नहीं की , तुरंत इस पार्टी , तो तुरंत इस पार्टी , सिर्फ सत्ता चाहिए . जो लोग सत्ता भोगी हैं , पूर्ण रूप से आपसे जुड़ भी चुके हैं , और तभी तो आपने जातीय गणित की राजनीति शुरू कर दी ...........
हम आपको बताना चाहेंगे , आप प़र नौकरशाह पुरी तरह से हावी हैं , जिनका जो मन रहा हैं कर रहे है, कर रहे हैं , आपमें पता नहीं क्यों वोट की राजनीति करने की इच्छा बन चली है , जबकि पुरे जनतागण ने उप चुनाव में आपके दिए हुए प्रताशियो को हराकर एक सन्देश भी दिया की आप बिहार की चिंता करे ना की , छुट भैया नेतागण क़ि बातो में ना आये |
आपने कल "ब्राह्मणों की नहीं होगी उपेक्षा " उस प़र विस्तृत बात भी की , वहां लोगो ने आपके खिलाफ नारे भी लगाये , लेकिन किसी प्रेस वाले ने आपके सम्मान में उसे लिखना भी उचित नहीं समझा , कुशवाहा समाज में भी कल वोही हुआ .......लेकिन हम आपसे पूछते हैं क़ि आप तो स्वयं देख रहे थे , तो दूसरे चाटुकारों की बात क्या सुननी हैं .... आप इतने प्रतिभाशाली व्यक्ति हैं और खुद अपने आप को नजर अंदाज कर दूसरे लोगो की गलत बातो को सुन रहे है .....आप ब्रह्मण चाणक्य भी खोजते है जो क़ि मौजूद भी है , फिर भी आपकी नजर वहां तक नहीं पहुच पा रही है , इस से बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा ?..
हम जिस दल में भी हैं, वोही रहेंगे, कोई ऐसी इच्छा नहीं हैं ,दल बदल करने, की लेकिन हमारी ही नहीं, हर एक अच्छे बिहारवासी और बिहारप्रदेश से बाहर से आकर रह रहे आदमी भी चाह रहे हैं क़ि आप अपने पुराने रूप में आये , और बिहार क़ि विकास करे , और हमेशा बिहार के मुख्यमंत्री बने रहे ताकि सबको न्याय मिलते रहे .......
[ आप हमारे पिता तुल्य हैं कुछ गलती लिखा गई हो तो माफ़ करेंगे , क्योंकि एक समय ऐसा भी आता हैं जब पिता के सामने पुत्र भी अपनी बात दोस्त बनकर रख सकता है { यह बात हमेशा आदरणीय श्री सिद्धकी साहब कहा करते है }.......सादर प्रणाम ....]
आमोद कुमारपाटलिपुत्र , बिहार , हिंदुस्तान

No comments:
Post a Comment