Saturday, March 27, 2010

एक शेर और एक आदमी की कहानी !!!!!!!!


आदरणीय दोस्तों एक शेर और एक आदमी की कहानी लिख रहा हूँ !!!...आमोद कुमार

एक बार जंगल से दो आदमी गुजर रहे थे , अचानक एक शेर ने दोनों आदमियों पर हमला कर दिया , उसमे से एक आदमी तो भाग निकला , एक उसी जगह गिर गया , और गिरगिराने लगा क़ि मुझे मत मारों , शेर ने कहा तुम भी तो मेरा शिकार करने के लिए आते हो ,....बात होते होते शेर ने कहा चलो आज से हम दोनों दोस्त बनते हैं , फिर क्या था दोनों जंगल में खूब मिलते थे |
कुछ दिनों बाद आदमी के बेटी का विवाह तय हुआ , और शादी क़ि तिथि भी निर्धारित हो गयी , आदमी दौरा दौरा यह खुशखबरी देने अपने मित्र शेर के पास गया , शेर ने भी कहा चलो दोस्त आज तो बड़ा ख़ुशी का दिन हैं क़ि हमारी बिटिया क़ि शादी तय हो गयी , आदमी ने तुरंत शेर को शादी में आने का आमंतरण भी दे दिया -----तभी शेर बोला देखो दोस्त तो हो आदमी और मैं हूँ शेर , जैसे ही मैं बिटिया क़ि शादी में आऊंगा सभी आदमी भागने लगेंगे , इस लिए मेरा शादी में जाना कही से उचित नहीं होगा , तुरंत आदमी शेर क़ि बात सुनकर जोड़ जोड़ से रोने लगा शेर ने किसी तरह से उसके आंसू पोछे और कहा क़ि जब तुम आने के लिए कह रहे हो तो मैं आ जाऊंगा लेकिन एक शर्त है क़ि तुम मुझे किसी खाली कमरे में बंद कर देना और कमरे के किसी छिद्र से हम बिटिया क़ि शादी देखेंगे , आदमी भी राजी हो गया
शादी के दिन शेर चुपचाप अपने दोस्त के घर पहुँच गया और पूर्व के शर्त के अनुशार आदमी ने शेर को कमरे में बंद कर दिया
बारात धूमधाम से आयी, शेर भी बंद कमरे के छोटी सी छिद्र से बारात देखकर ख़ुशी से मगन था
रात में कुछ बारातीगण उस कमरे के नजदीक जाकर बोले के भाई इस कमरा को क्यों बंद करके रखे है ? तुरंत शेर का दोस्त आदमी जबाब देता था क़ि वहां मत जायो , उस कमरे में """"""हमने एक पागल कुत्ता को बंद करके रखा है"""""" , येही जबाब [ हमने एक पागल कुत्ता को बंद करके रखा है ] वह आदमी हर उस बाराती में आये लोगो को देता था जो भी उस बंद कमरे के बारे में पूछता था |
शेर अंदर से सब बाते अपनी दोस्त का सुनकर बड़ा दुखी हो गया
भोर होते ही सब को सोया देख आदमी ने बंद कमरे का दरवाजा खोला और और शेर को ख़ुशी ख़ुशी यह कहते हुए विदा कर दिया क़ि शादी ख़त्म होते ही वह जंगल में आकर मिलेगा , शेर जंगल के तरफ चला गया
कुछ दिनों बाद शेर से मिलने उसका दोस्त आदमी जंगल में गया , शेर बड़े ही उदास मन से आदमी से बात कर रहा था , तुरंत आदमी ने कहा दोस्त कुछ गलती हो गयी हो तो माफ़ कर देना ----शेर ने कहा ऐसी कोई बात नहीं है तुम एक काम करो दोस्त , यह लो कुल्हारी और मेरे पैर पार मारों , आदमी घबरा गया और बोला दोस्त ये क्या बोल रहे हो ? पागल हो गये हो क्या ? शेर ने कहा अगर तुम सचमुच अपना दोस्त मानते हो तो कुल्हारी से मेरे पैर पार मारों------ आदमी भी मजबूर हो गया और उसने शेर के पैर पार कुल्हारी चला दी , शेर का पैर हल्का कट गया और तुरंत खून निकलने लगा , यह देख वह आदमी रोने लगा ----तब शेर ने आदमी से कहा क़ि रोने क़ि आवश्यकता नहीं है , अब तुम जायो और हमसे पुनः एक महिना बाद मिलना , आदमी रोते रोते घर वापस आ गया |
जब दुबारा वह एक महिना बाद शेर से मिलने गया तो जाते के साथ उसने शेर का घाव देखा तो शेर ने कहा क़ि घाव क्या देखते हो वह तो मिट गया -----
उसके बाद शेर ने आदमी से कहा क़ि हमसे बहुत बड़ी भूल हुई तुमसे दोस्ती करके क्योंकि क़ि आदमी और शेर कभी दोस्त हो ही नहीं सकता है , हमने तुमसे दोस्ती क़ि और तुमने मुझे """""""""""पागल """""""""""" बोला , अब जायो मेरी और तुम्हारी दोस्ती ख़त्म और मेरे पास कभी मत आना क्योंकि कुल्हारी से कटा घाव तो मिट गया लेकिन तुम्हारे बोले हुए बोल के जख्म का घाव तो दिल प़र लगी है जो कभी भी मिट नहीं पायेगी
आदरणीय दोस्तों कहानी लिखने का मूल अर्थ है क़ि मीठी वाणी बोलिए, लिखिए , ऐसी कोई आपतिजनक बाते ना लिखे जिससे किसी को तकलीफ हो ..... सादर अभिवादन के साथ !!!!!!!

5 comments:

Anonymous said...

शेर और आदमी की ऐसी रोचक कहानी शेरदिल आदमी ही लिखा सकता है..धन्यवाद आमोद जी इस प्रस्तुति के लिए ..

रजनीश said...

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