Saturday, March 20, 2010

अभी रात्रि का समय 1.45 AM है , मेरी नींद अचानक खुल गई है ....

मै अपने छतिग्रस्त कार कि भी फोटो लगा रहा हूँ.. साथ साथ दुर्घटना के बाद अपनी भी .....








अभी रात्रि का समय 1.45 AM है , मेरी नींद अचानक खुल गई है , और नींद भी नहीं आ रही है  तो सोंचा कि क्या करू  तो लिख रहा हूँ .कल दिनांक 18th March 2010 को जब मैं Office के लिए निकला था, तो सोंचा क्यों ना रजनीश जी से भी हाल चल पुछ ली जाये , और Dashboard पर रखी मोबाइल से dial कर उनसे बाते करने लगा , हमेशा कि तरह जब मेरी बात शुरू हो  गयी तो मैंने पुनः उस मोबाइल का Speaker On करके Dashboard पर  रख  दिया और बाते करने लगे , [ यह मेरी हमेशा कि आदत है कि मैं जब गारी में अकेला होता हूँ उस समय मोबाइल का  Speaker On करके Dashboard पर रखकर बाते करता हूँ , क्योंकि गारी अंदर कोई भी दूसरा व्यक्ति सुन ने वाला नहीं रहता है .] ....उसके बाद एअरपोर्ट के रास्ते में मैं रोज कि तरह ....जय भोलेनाथ ....जय भोलेनाथ ....जय भोलेनाथ ... जय माँ दुर्गा , जय माँ दुर्गा , जय माँ दुर्गा , .....जय माँ श्री श्री  विंध्यवासिनी.....जय माँ श्री श्री विंध्यवासिनी.....जय माँ श्री श्री विंध्यवासिनी करता जा रहा था , चुकि उस समय गारी बहुत ही धीरे चलाता हूँ ,  इसलिए बाते भी हो रही थी और गारी मैं बहुत ही धीरे कि लगभग 20 kmph to 30 kmph   Speed रही होगी , कि अचानक एक  पीछे से बहुत ही तेज गति से आ रही  Scorpio Jeep [SPEED  लगभग 80 kmph to 90 kmph ] ने आकर  ने जबरदस्त धक्का मारा, धक्का इतना जबरदस्त था कि मेरी गारी का दोनों आगे का चक्का कुछ दुरी तक उठता चला गया और मैं गारी में पीछे कि तरफ अचेत सा गारी कि seat पर ही गिर गया , मैंने किसी तरह अपना नियंतरण बना कर पीछे कि गारी के तरफ देखा तो पाया कि बहुत सारी गारी रुक कर उस  Scorpio Jeep को घेरने लगी , मैंने तुरंत अभिवावक को इसकी सुचना दी तब तक वह गारी बाला Driver कटा हुआ Divider से गारी मोरकर भागने लगा और वह Airport   के अंदर चला गया , मैं भी उसको देखकर उसके पीछे गारी से पीछा करते हुए Airport के तरफ जाने लगा , लेकिन मैं उसको  Airport  के अंदर जाता देख Airport Police Mobile को उस White colour Scorpio जिसका नंबर BR-31P-1121 था उसको पकरने के लिए निवेदन किया , साथ साथ पीछे से आ रहे अंजान लोगो ने भी कहा कि भाई जल्दी पकरिये उस गारी को क्योंकि हम लोगो ने भी देखा है कि उसने जबरदस्ती जान बुझ कर धक्का मारा है , इस आदमी के साथ घोर अन्याय किया है Scorpio वाले ने , उसके बाद मैं खुद भी AIRPORT  के  अंदर गया लेकिन वह नहीं मिला , मेरे अभिवावक बहुत बेचैन थे उन्होंने कहा आप जल्दी मेरे पास आ जाइये , गारी अवस्य पकर ली जायेगा , मैंने उनके आदेश का पालन करते हुए गारी मोर्ड़  कर जाने लगा , और तुरंत उस समय रजनीश जी को भी बताया कि चुकि एक गारी ने हमको धक्का मार दिया था इसलिए पता नहीं कैसे LINE CUT गया था , मैंने उनसे इस बात के लिए SORRY भी बोला , और फिर LINE DISSCONNECT कर अपने अभिवावक के पास जाने लगा ,
अब देखिये यहाँ असली समस्या खड़ी हो गयीं जैसे मैंने अपने कार के हुलिया पर ध्यान तो देखा गारी के अंदर सारा सामान बिखरा परा है , मैंने गारी रोक कर सब सामान को ठीक किया और धक्का लगने के क्रम में बाया पैर में मोंच कि तरह दर्द कर रहा था , चलने में दिक्कत हो रही थी , फिर भी वहाँ पहुचना था , क्योंकि वे अगर हमको सही सलामत नहीं देखते तबतक बेचैन रहते , फिर मैं किसी तरह हिम्मत बांध कर पहुँच गया उनको अपना चेहरा दिखाने के लिए , अंदर से पैर के मोंच के दर्द से  कराह रहे थे लेकिन उनको पता नहीं चलने दिया कि हमको किसी तरह कि चोट आई है , और जैसे ही  वह एक URGENT MEETING के निकले मैं फरार हो गया , क्योंकि मैं आज तक कोई भी बात नहीं छुपाई है उनसे , अगर नहीं वहाँ से भागता तो मैं अपने अभिवावक के प्यार को देखकर सच्ची बात बोलकर रो परता . [अभी उनकी याद आयी और मैंने फिर रोना शुरू कर दिया ] अब रोते रोते ही लिख रहां हूँ कि बिहार के वर्तमान और भूतपूर्व मुख्यमंत्री  भी  जानते है कि मैं गारी अच्छी ही नहीं , बहुत अच्छी चलाता हूँ , उन लोगो को भी हमने अपने घर कि गारी से DRIVER  बनकर , अच्छा खाशा दुरी तय कराई  है , यहाँ तक कि मै मुख्यमंत्री  CAR भी उनके कहने पर चलाई है , लेकिन हमको उनलोगों से  क्या लेना देना है , वे लोग बरे लोग है , लेकिन हम तो स्वार्थी है हम आदर प्रेम और समर्पण कि भावना  सिर्फ अपने अभिवावक के लिए रखते हैं , क्योंकि अभी तक कोई भी उनकी तरह सच्चा, बहादुर , महाज्ञानी  इंसान मुझे नहीं मिला था . मेरा  जीवन तो धन्य हो गया उनको पाकर. 
जब मैं अपने कार्यालय पहुंचा तो DIGITAL CAMERA से फोटो खिचवा कर FACEBOOK पर भी लगाई , जिससे किसी तरह का शक मेरे अभिवावक को नहीं हो , फिर मैं दो घंटा बाद ऑफिस में ही सो गया , जब सोकर उठे [ TIME रहा होगा 6:45 PM ]  तब पैर में भी आराम लग रहा था , फिर जाकर FACEBOOK पर LIKE ,LIKE CLICK करके अपने आवास पर उसी गारी से वापस खुद चलाते हुए आ गया .
अभी रात में जब  याद आई उनकी तब लगा कि मैं तो बेशर्म कि तरह सो गया , और मेरे अभिवावक  दिन भर थाना POLICE से उलझते रहे , अब मेरे रोने से क्या होगा जो कभी भी तनाव में नहीं रहते है उनको हमने तनाव दे दिया , इस से और बड़ी बात क्या हो सकती है मेरे बेशर्मीपन क़ी.
मेरी ईश्वर से एक प्राथना है कि, हे ईश्वर मुझे उपर बुला लीजिये नहीं तो अच्छा खाशा  तनाव में नहीं रहने बाले व्यक्ति को भी हम तनाव दे देते है इस से बुरी बात और क्या हो सकती है मेरे लिए.
मैं उन्ही को अपना भोलेनाथ मानता हूँ.
जय भोलेनाथ.... जय माँ दुर्गा .....जय माँ श्री श्री माँ विंध्यवासिनी
 जय हिंद , जय हिंद कि सेना ....
....आमोद कुमार

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