Sunday, February 7, 2010

छोटा बच्चा समझ के हमको, ना आँख दिखाना रे !!!!!!!!!!


हम बिहार वाशी है ही पिटाने लायक इस लिए पिटे जा रहे है , पहले लोकसभा बिधान सभा में लोहिया जी , कर्पूरी जी आदि बड़े बड़े चिन्तक रहते थे, किन्तु बड़े शर्म की बात है की उसकी गरिमा आज ख़तम है और वह हम लोगो ने अपनी मतदान की शक्ति से आज बड़े बड़े अपराधियों को बैठा दिया है . आज वहां की गरिमा देखकर भगवान भी शर्म से शर्वान्वित है , बड़े बड़े पुलिस अधिकारी एवं प्रसासनिक पदाधिकारी उनकी खिदमत में और सुरछा में लगे रहते है . और हमारे देश के सविधान को इसके पीछे दोषी मानते है .प्रकति हो यो जहाँ कही भी बदलाव संसार का नियम है और परिवर्तन होगा . हमारे जैसे लोगो को कहा जाता है की जायो नौकरी करो नहीं तो दूकान में बैठे रहो नहीं तो आगे जीवन कैसे चलेगा , तुम्हारे बस की बात नहीं है नेतागिरी क्योंकि इसमें चमचागिरी , अपराधी बनना सबसे पहले करना होगा तभी ये संभव है............ लेकिन ऐसा नहीं है , मैं नहीं मानता हूँ , अच्छे रास्ते से भी वहां लोग पहुचते है
हमेशा कर्म सर्वोपरि है ,और उस पर विस्वाश   कर आगे कार्य सभी को करना चाहिए .
हमें आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है अपने भारतवर्ष के जय हिंद की सेना अपनी ताकत को दिखाए और श्री अमिताब बच्चन जी की फिल्म दीवार को देखे , और देखे की क्या एक माँ अपने बेटे 'जय हिंद की सेना' को अपने दुसरे अपराधी पुत्र के लिए क्या निर्देश दे रही है "उसी का उल्लेख मै कर रहा हूँ कि अपराध करते मैं या मेरे पुत्र या मेरे परिवार का कोई भी व्यक्ति भी अगर पकरा जाये तो जय हिंद कि सेना के जवान के हाथ गोली चलाने वक़्त नहीं कापेनेगे |फिल्म किसी ने बनायीं है तो उस से अच्छे बातो का भी हमलोग सीखे   .
मैंने आज संकल्प लिया है की मैं जिस काम को करने के लिए बचपन से ही संकल्पित था उसकी और अब अपना समय अधिक दूंगा ना की दूकान में जाकर भिखारी की तरह परा रहूँगा , किसी की बात पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दूंगा चाहे कोई हमें जान से ही कोई क्यों ना मार दे , बिलकुल अपना संयम बनाये रखूंगा , कोई गाली देगा तो उसको आशीर्वाद समझ कर ग्रहण करूंगा . और दिन रात अपनी गलतियों को देखूँगा, और अपने आप का सुधार करूंगा , क्योंकि मुझे पूर्ण बिस्वाश है जरूर  बहुत कुछ हममे कमी है तभी तो हम अपने मार्ग से अलग हो जाते है |
जय हिंद , जय हिंद क़ी सेना ,जय भारत
आमोद कुमार

1 comment:

Unknown said...

Deewar was a real thriller sir jee.
Very Very good sir jee.