Thursday, January 14, 2010

आपको ही तो सब कुछ करना है |

ऐ मेरे गुरु जी  उदास क्यों है , आज फिर किसी ने दिल दुख दिया क्या, किसी ने कुछ कहा क्या ? आप तो सब के प्रेणना स्रोत  है , आपको देख कर  भारतवर्ष का हरेक अच्छा आदमी को ताकत मिलती है , भगवान कृष्ण  की उदाशी अच्छी नहीं लगती है | आप तो सब के दाता है , आप अपना कर्म करते चले क्योंकि इतिहास के हरेक पन्नो पर आपका नाम रहना है !!!!!!
हिन्दू धर्म में नव वर्ष आज से सुरु हो रहा है देखते रहिये आपको ही तो सब कुछ करना है |
अब तो सुबह होने को है रात खुद रोने को है, तब चिंता किस बात की है |
बुझी हुई समां जल सकती है ,तूफ़ान के हद से किस्ती निकल सकती है ,मायूस न हो इरादे न बदल ,तक़दीर कभी भी बदल सकती है ।

आमोद कुमार

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