Sunday, January 31, 2010

जो प्यार छुपा है उसको मैं आपके सामने समर्पित कर रहा.....

मेरे परम आदरणीय
मेरे अंदर एक अदभुत प्यार का अभाश हुआ जिसको अभी भी समझ में नहीं आ रहा की कैसे लिखू बस जो भी लिख रहा हूँ वह दिल से लिख रहा हूँ कोई भी गलती हिंदी लिखने में हो तो माफ़ करंगे.
मेरे माता पिता की संछिप्त परिचय

१. मेरे पिता की शैक्षिक योग्यता ====M.A & B.L== 5 बार विधायक एक बार कैबिनेट मंत्री बिहार सरकार ......
2. मेरे माता की शैक्षिक योग्यता====B.A, B.ed, M.A , M.ed, डॉक्टर राधिका सिन्हा , एक महिना पहले बिहार सरकार से सेवा समाप्त , पिछले ३० वर्ष से पटना के लगभग सभी उच्य विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर ( BY BPSC) , उस से पहले TEACHER थी वर्ष 1971 से , कुछ दिन तीन साल तक बीच में विधालय सेवा बोर्ड की सदस्य भी थी .......
मेरे पापा हमको बहुत प्यार करते थे और आज भी करते है लेकिन पता नहीं क्या डर की भावना थी की मैं उनके सामने कुछ भी खुल के बोल नहीं सकता हूँ यहाँ तक की अगर हम कही बैठ के खाना खा रहे तो उनको देखते के साथ मैं खाना का थाली उठाकर दूसरा रूम में जाकर खाने चला जायूँगा , पता नहीं यह क्यों हुआ हमेशा खुल के पापा के सामने कुछ भी नहीं कर पाया और अंदर अंदर प्यार पाने के लिए तरसते रहा , मैं अपने जीवन में डरा तो सिर्फ अपने पापा के सामने में और कभी कोई बात का खुल कर जबाब भी नहीं दे पाया , दूसरी तरफ दुनिया का शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसके सामने मैं जो मन में में आया फटाक  से जबाब नहीं दिया , मैं हमेशा अपने बेबाक टिपण्णी करने के लिए जाना जाता रहा हूँ , मेरे पापा का बहुत मन था की मैं हमेशा नौकरी करते रहूँ , लेकिन मैं बचपन से ही राजनीति करने के लिए बेचैन रहता था संयोग ऐसा हुआ की हमेशा उल्टा मेरे साथ होते आया , मेरे पापा ने कहा की तुमको सिर्फ एक दो महिना नौकरी करना है इस लिए जायो , मैं माँ के सामने जाकर बोला तो माँ ने भी मेरा साथ नहीं दिया उसने भी पापा का साथ दिया , मजबूरन मुझे टाटा स्टील में एक पढाधिकारी के रूप में नौकरी शुरू की , हमारे कार्य से प्रसन होकर मुझे तुरंत वरीय पढाधिकारी बना दिया गिया , मैंने माँ से दो महिना बाद बोला की माँ दो महिना पूरा हो गया अब हम नौकरी नहीं करेंगे , माँ बोली नहीं अभी तुमको और कुछ दिन नौकरी करना है उसके बाद मैं फिर नौकरी करने चला गया कुछ समय बाद मैं टाटा स्टील में में प्रबंधक में प्रोनिती दे दी गयी
एक दिन मैं कंपनी के काम से टाटा स्टील के विमान से पटना पंहुचा संयोग से उस समय मेरे पापा बिहार सरकार में मंत्री थे और उसी समय वे बिहार सरकार के विमान से सहरसा से आ रहे थे , उसके बाद उन्होंने मेरी माँ को बताया की आमोद अब हमेशा नौकरी करेगा देखो कितना बड़ा आदमी बन गया अपना बेटा , जैसे ही यह बात मेरे कानो में परी मै रोते रोते बेहाल हो गया , बोला हे ईश्वर अपने ये क्या कर दिया !

Note: उसके बाद की कहानी को मैं रोकूंगा क्योंकि मेरी कहानी लम्बी होती जा रही और मैं मूल बात पर नहीं पहुँच पा रहा हूँ, ..........अगला पंक्ति जारी रहेगा ]

आमोद कुमार

Sunday, January 24, 2010

कितना बड़ा दर्शन है. " होठो पे सच्चाई रहती है जहाँ दिल में सफाई रहती है हम उस देश के वाशी है जिस देश में गंगा बहती है "


कितना बड़ा दर्शन है. " होठो पे सच्चाई रहती है जहाँ दिल में सफाई रहती है हम उस देश के वाशी है जिस देश में गंगा बहती है " दूसरी पंक्ति ना तो होठो पे सच्चाई, ना ही दिल में सफाई करके गंगा को ख़राब देते गंगा की दुहाई "आप सब देखिये बच्चों को भी बताये
फिर से वो ही सभ्यता को विकसित करे जिसको हमारे बनारस के रहने वाले श्री अरविंद पांडेय जी बता रहे है, क्या कमी है हम सब में , जरुरत है अश्लील गाना गाने वालो का तिरष्कृत करने की जिन्होंने पुरे भारतवर्ष में हम लोगो को बदनाम कर के रख दिया है | कितना प्यार है श्री अरविंद पांडेय जी को बिहार से देखिये ,
एक बिहार से बाहर के एक इंसान को कितना प्यार है हमारे बिहार से और हम लोग अपनी क्षमता को पहचानते ही नहीं है हमें आज अपने देश पर गौरव है की हमलोगों को इतने बड़े मार्गदर्शक मिले है |
हम सब बिहार वाशी कोटि कोटि से नमस्कार करते है, प्रणाम करते है की इसी तरह से अपना मार्ग दर्शन हम सभी देश वाशियों को देते रहे.
जय हिंद, जय बिहार, जय अरविंद पांडेय

आमोद कुमार
पाटलिपुत्र, बिहार, हिंदुस्तान

Tuesday, January 19, 2010

माँ सरस्वती, ज्ञान, कला और संगीत की हिंदू देवी भगवान शिव और देवी दुर्गा की बेटी है !!!!








महाकवि कालिदास, वरदराजाचार्य, वोपदेव आदि मंद बुद्धि के लोग सरस्वती उपासना के सहारे उच्च कोटि के विद्वान् बने थे । इसका सामान्य तात्पर्य तो इतना ही है कि ये लोग अधिक मनोयोग एवं उत्साह के साथ अध्ययन में रुच्ापूवर्क संलग्न हो गए और अनुत्साह की मनःस्थिति में प्रसुप्त पड़े रहने वाली मस्तिष्कीय क्षमता को सुविकसित कर सकने में सफल हुए होंगे । इसका एक रहस्य यह भी हो सकता है कि कारणवश दुर्बलता की स्थिति में रह रहे बुद्धि-संस्थान को सजग-सक्षम बनाने के लिए वे उपाय-उपचार किए गए जिन्हें 'सरस्वती आराधना' कहा जाता है । उपासना की प्रक्रिया भाव-विज्ञान का महत्त्वपूर्ण अंग है । श्रद्धा और तन्मयता के समन्वय से की जाने वाली साधना-प्रक्रिया एक विशिष्ट शक्ति है । मनःशास्त्र के रहस्यों को जानने वाले स्वीकार करते हैं कि व्यायाम, अध्ययन, कला, अभ्यास की तरह साधना भी एक समर्थ प्रक्रिया है, जो चेतना क्षेत्र की अनेकानेक रहस्यमयी क्षमताओं को उभारने तथा बढ़ाने में पूणर्तया समर्थ है । सरस्वती उपासना के संबंध में भी यही बात है । उसे शास्त्रीय विधि से किया जाय तो वह अन्य मानसिक उपचारों की तुलना में बौद्धिक क्षमता विकसित करने में कम नहीं, अधिक ही सफल होती है ।

मन्दबुद्धि लोगों के लिए गायत्री महाशक्ति का सरस्वती तत्त्व अधिक हितकर सिद्घ होता है । बौद्धिक क्षमता विकसित करने, चित्त की चंचलता एवं अस्वस्थता दूर करने के लिए सरस्वती साधना की विशेष उपयोगिता है । मस्तिष्क-तंत्र से संबंधित अनिद्रा, सिर दर्द्, तनाव, जुकाम जैसे रोगों में गायत्री के इस अंश-सरस्वती साधना का लाभ मिलता है । कल्पना शक्ति की कमी, समय पर उचित निणर्य न कर सकना, विस्मृति, प्रमाद, दीघर्सूत्रता, अरुचि जैसे कारणों से भी मनुष्य मानसिक दृष्टि से अपंग, असमर्थ जैसा बना रहता है और मूर्ख कहलाता है । उस अभाव को दूर करने के लिए सरस्वती साधना एक उपयोगी आध्यात्मिक उपचार है ।
शिक्षा के प्रति जन-जन के मन-मन में अधिक उत्साह भरने-लौकिक अध्ययन और आत्मिक स्वाध्याय की उपयोगिता अधिक गम्भीरता पूवर्क समझने के लिए भी सरस्वती पूजन की परम्परा है । बुद्धिमत्ता को बहुमूल्य सम्पदा समझा जाय और उसके लिए धन कमाने, बल बढ़ाने, साधन जुटाने, मोद मनाने से भी अधिक ध्यान दिया जाय ।
आमोद कुमार , पाटलिपुत्र, बिहार

Monday, January 18, 2010

गरीबो के रहबर श्री आनंद शंकर, पुलिस महानिदेशक , बिहार





गरीबो के रहबर श्री आनंद शंकर, पुलिस महानिदेशक , बिहार


श्री आनंद शंकर , पुलिस महानिदेशक , बिहार , ने जो अपना अभियान चला रखा है गरीब और कमजोर वर्ग के लिए वह सचमुच सिखने योग है, जिन लोगो ने बिहार को बदनाम कर रखा था उनलोगों पर इन्होने नकेल कसा ऐसे ही अगर ही कुछ लोग हो जायेगा तो बिहार देश का सबसे विकाश शील राज्य कहलाने लगेगा हमलोगों को जरूरत है इनके बताये हुए रस्ते पर चलने की हम लोग धन्य है की हम लोगो को श्री आनंद शंकर जैसे पुलिस महानिदेशक , मिले ..

जय हिंद, जय बिहार, जय पाटलिपुत्र
आमोद कुमार

Thursday, January 14, 2010

हिन्दुस्तान हमारा है,: आपको ही तो सब कुछ करना है |#links#links#links#links#links#links#links#links#links#links

हिन्दुस्तान हमारा है,: आपको ही तो सब कुछ करना है #links#links#links#links#links#links#links#links#links#links

...आमोद

आपको ही तो सब कुछ करना है |

ऐ मेरे गुरु जी  उदास क्यों है , आज फिर किसी ने दिल दुख दिया क्या, किसी ने कुछ कहा क्या ? आप तो सब के प्रेणना स्रोत  है , आपको देख कर  भारतवर्ष का हरेक अच्छा आदमी को ताकत मिलती है , भगवान कृष्ण  की उदाशी अच्छी नहीं लगती है | आप तो सब के दाता है , आप अपना कर्म करते चले क्योंकि इतिहास के हरेक पन्नो पर आपका नाम रहना है !!!!!!
हिन्दू धर्म में नव वर्ष आज से सुरु हो रहा है देखते रहिये आपको ही तो सब कुछ करना है |
अब तो सुबह होने को है रात खुद रोने को है, तब चिंता किस बात की है |
बुझी हुई समां जल सकती है ,तूफ़ान के हद से किस्ती निकल सकती है ,मायूस न हो इरादे न बदल ,तक़दीर कभी भी बदल सकती है ।

आमोद कुमार

Wednesday, January 13, 2010

मकर संक्रान्ति की शुभकामनाएं !!!!!!!









सूर्य भगवान के आशीर्वाद .. मकर संक्रान्ति


मकर संक्रान्ति के हिंदुओं के लिए सबसे ज्यादा शुभ उत्सवों में से एक माना जाता है, यह देश के अति उत्साह और जोश के साथ विभिन्न भागों में मनाया जाता है. आप सब को मकर संक्रान्ति की शुभकामनाएं !
...आमोद कुमार , पाटलिपुत्र, बिहार

Monday, January 11, 2010

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है !!!!!!!!!





सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है !!!!!!!!!
(ऐ वतन,) करता नहीं क्यूँ दूसरा कुछ बातचीत, देखता हूँ मैं जिसे वो चुप तेरी महफ़िल में है
ऐ शहीद-ए-मुल्क-ओ-मिल्लत, मैं तेरे ऊपर निसार,
अब तेरी हिम्मत का चरचा ग़ैर की महफ़िल में है
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
वक़्त आने पर बता देंगे तुझे, ए आसमान, हम अभी से क्या बताएँ क्या हमारे दिल में है
खेंच कर लाई है सब को क़त्ल होने की उमीद,आशिकों का आज जमघट कूचा-ए-क़ातिल में है
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
है लिए हथियार दुश्मन ताक में बैठा उधर,और हम तैयार हैं सीना लिए अपना इधर।
ख़ून से खेलेंगे होली गर वतन मुश्क़िल में है,
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
हाथ, जिन में है जूनून, कटते नही तलवार से,सर जो उठ जाते हैं वो झुकते नहीं ललकार से।
और भड़केगा जो शोला सा हमारे दिल में है, सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
हम तो घर से ही थे निकले बाँधकर सर पर कफ़न, जाँ हथेली पर लिए लो बढ चले हैं ये कदम।
ज़िंदगी तो अपनी मॆहमाँ मौत की महफ़िल में है, सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
यूँ खड़ा मक़्तल में क़ातिल कह रहा है बार-बार, क्या तमन्ना-ए-शहादत भी किसी के दिल में है?
दिल में तूफ़ानों की टोली और नसों में इन्कलाब,होश दुश्मन के उड़ा देंगे हमें रोको न आज।
दूर रह पाए जो हमसे दम कहाँ मंज़िल में है, सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
वो जिस्म भी क्या जिस्म है जिसमे न हो ख़ून-ए-जुनून क्या लड़े तूफ़ान से जो कश्ती-ए-साहिल में है !


सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है !!!!!!
 
जाग रहे हम वीर जवान,

जियो जियो अय हिन्दुस्तान!
आमोद  कुमार
पाटलिपुत्र, बिहार, हिंदुस्तान

Tuesday, January 5, 2010

पटना को प्रदूषण मुक्त करने

पटना  को प्रदूषण मुक्त करने का आप लोग कोई अच्छा प्रयाश करे |

...आमोद, पाटलिपुत्र, बिहार

जहां तक हो सके मधुरवाणी बोलना चाहिये !!!!!!!


मानव के जीवन में अधिकतर संघर्ष अहंकार को लेकर हुऐ हैं वरना किसी को किसी पर आक्रमण करने की आवश्यकता क्या है? अपने आसपास होने वाली हिंसक वारदातों को देखें तो उनके पीछे बात का बतंगड़ अधिक होता है। हर समस्या का हल होता है पर उसे व्यक्त करने का अपना एक तरीका होता है। कहीं पानी को लेकर झगड़ा है तो कहीं जमीन का झगड़ा है। किसी की वजह से अगर पानी नहीं मिल रहा है तो उससे प्रेम से भी अपनी बात भी कही जा सकती है तो दूसरा व्यक्ति सहजता से मान भी जाये पर जहां दादागिरी, क्रोध या घृणा से बात कही गयी वहां अच्छे परिणाम की संभावना नगण्य हो जाती है। मनुष्य में अहंकार होता है और जहां उससे लगता है कि वह प्रेम से बोलने पर सामने वाले की आंखों में छोटा हो जायेगा या कड़ा बोलकर बड़प्पन दिखायेगा वहां विवाद होता है वहीं उसके अंदर अहंकार के कारण जो क्रोध पैदा होता है वही झगड़े का कारण बनता है।



इसलिये जहां तक हो सके मधुरवाणी बोलना चाहिये। इसे सज्जनता समझें या चालाकी पर इस संसार को इसी तरह ही जीता जा सकता है। आज जब मनुष्य में विवेक की कमी है वहां तो बड़ी सहजता से किसी में हवा से फुलाकर काम निकलवाया जा सकता है तब क्रोध करने की आवश्यकता है?
जय हिंद , जय पाटलिपुत्र
आमोद कुमार , पाटलिपुत्र, बिहार

Sunday, January 3, 2010

लोग क्या कहेंगे की जब चर्चा होती है !!!!!!!!!

लोग क्या कहेंगे की जब चर्चा होती है उस समय अच्छे लोग अपनी इज्ज़त से डरते है बुडे लोग  बुरा काम करके अपने को सुर्खी में लाते है | गुंडागर्दी मारपीट अपहरण शुरू कर देते है और हम आम जनता उन्हें M.LA OR M.P बना देते है , जब दोष देने की बारी आती है तब अपनी गलती छोड़ उन लोगो की सिकायत करनी शुरू  कर देते है | सब लोग इस पर सोंचे मंथन करे और नए बिहार की निर्माण करे |

आमोद कुमार , पाटलिपुत्र, बिहार

Friday, January 1, 2010

गुरु गोविन्द सिंह


गुरु गोविन्द सिंह  से सीखे नव  वर्ष कैसे मनाना है ?

...आमोद

अपने बिहार के गौरव साली इतिहास को प्राप्त करना है




गौतम बुध की धरती बिहार का गौरव नालंदा विश्वविद्यालय जहाँ पढने के लिए पुरे विश्व के लोग आते थे , हमें फिर से अपने गौरव साली इतिहास को प्राप्त करना है जो की आज खंडहर बन बार कर रह गया है , बिहार में नेतागण जब सड़क पर रहते है तो विकास की बात करते है सत्ता में आते ही विनास का कार्य सुरु कर देते है |
आप अब एक बात पर ध्यान देंगे की कुछ लोग जो हमेशा सुर्खी में बने रहते है उनकी यह आदत है जिस किसी की भी  यहाँ सरकार बनती है वहां पर ये लोग चले जाते है और फिर से अपने स्वार्थ हेतु बिहार का विनास करना सुरु कर देते है |
आप सब भाई बंधू से निवेदन है की बिहार के विनाशकारी तत्वों का नव वर्ष में विनास कर देना है |
और हमें फिर से अपने बिहार के गौरव साली इतिहास को प्राप्त करना है | नया बिहार बनाना है जहाँ की राजधानी पाटलिपुत्र होगी |
आप सभी का नव वर्ष मंगलमय हो |

...आमोद, पाटलिपुत्र , बिहार, हिंदुस्तान