Monday, December 28, 2009

संत कबीर : मस्तमौला फकीर


कबीर का जन्म १२९७ में ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन हुआ वो निडर और खरा खरा बोलने वाले कवि थे। जिन्हें बाद में संत का दर्जा भी प्राप्त हुआ। उन्होंने कभी भी किसी सम्प्रदाय और रुढियों की परवाह नही करी। यही नही उन्होंने हिंदू-मुसलमान सभी समाज में व्याप्त रुढिवादिता तथा कट्टपरंथ का खुलकर विरोध किया। १४१० में देह त्यागने से पहले काशी छोड़कर मगहर चले जाने की वजह भी उसी रूढ़िवादिता को उनका जवाब था, उस समय ये मान्यता थी कि काशी में मरने वाले को मोक्ष प्राप्त होता है। मगहर में कबीर की समाधि भी है और यहाँ हिन्दू मुसलमान दोनों श्रद्धा से सिर नवाने आते हैं।
........... आमोद कुमार , पाटलिपुत्र, बिहार, भारत

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