Monday, March 23, 2009
अच्छे लोगो को ही वोट दे !
बिहार के किसी भी नेता पर बिश्वास नही करना है सबलोग हिन्दी सिनेमा पर आधारित लोग है जहाँ जिनको लाभ दिखाई देता है उस से मिल जाते है और हम आम जनता को मुर्ख बनाते है ! सभी पार्टी ने लोकसभा चुनाब में अपराधिक लोगो को टिकेट दिए है , इस लिए मेरा आम लोगो से अपील है की अच्छे लोगो को ही वोट दे ! किसी पार्टी , जाति, सब से उठकर अच्छे लोगो को ही वोट दे !
Sunday, March 8, 2009
जितना है हमको बाज़ी पलट देंगें !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!
जितना है हमको बाज़ी पलट देंगें !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!
हर जोड़ जुल्म के टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है !
मानव जब जोड़ लगता है पत्थर पानी बन जाता है !
आमोद कुमार
हर जोड़ जुल्म के टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है !
मानव जब जोड़ लगता है पत्थर पानी बन जाता है !
आमोद कुमार
जितना है हमको !!!!!!!
न्यायोचित अधिकार मांगने से न मिले , तो लड़ के
तेजस्वी छिनते समर को जीत ,या ख़ुद मरके !
छमा , दया , तप , त्याग मनोबल, सबका लिया सहारा ;
पर नर व्यग्रह सुयोधन तुमसे कहो , कहा कब हारा ?
छमा शोभती उस भुजंग को , जिसके पास गरल हो !
उसको क्या, जो दंतहीन, विषरहित , विनीत, सरल हो !
तेजस्वी छिनते समर को जीत ,या ख़ुद मरके !
छमा , दया , तप , त्याग मनोबल, सबका लिया सहारा ;
पर नर व्यग्रह सुयोधन तुमसे कहो , कहा कब हारा ?
छमा शोभती उस भुजंग को , जिसके पास गरल हो !
उसको क्या, जो दंतहीन, विषरहित , विनीत, सरल हो !
Sunday, March 1, 2009
सारा कश्मीर हमारा है .....सारा मुंबई हमारा है.....भारतवर्ष हमारा है . ..........
सारा कश्मीर हमारा है ......... ..........
हमने समझा दोस्त उन्हें ,वे दुश्मन हमें समझते है ,
नहीं फिक्र है उन्हें अमन की , बारम्बार उलझते है |
नहीं याद है उन्हें इख्तर , का वह अमर युद्ध - सन्देश ,
जो हमसे टकराएगा हमसे , हो जायेगा वह खंडित देश |
विश्व शांति अब रहे सुरझित , यही सोचकर हम सबने ,
सयम से संघर्ष किया है , बलि दी है कितनी जाने |
न लो परीझा अब वर्ना , इच्छा सुन लो यह जन जन की,
मिट जायेगी वह रेखा, जो वर्षो पूर्व बिभाजन की ।
कारगिल से गिलगित तक,
सारा कश्मीर हमारा है .......सारा मुंबई हमारा है.... सारा भारतवर्ष हमारा है ......सारा बिहार हमारा है .......
इस कविता के लेखक , आदरणीय श्री अरविंद पांडेय जी , [I.P.S], को बहुत बहुत धन्यवाद !!!!!!
हमने समझा दोस्त उन्हें ,वे दुश्मन हमें समझते है ,
नहीं फिक्र है उन्हें अमन की , बारम्बार उलझते है |
नहीं याद है उन्हें इख्तर , का वह अमर युद्ध - सन्देश ,
जो हमसे टकराएगा हमसे , हो जायेगा वह खंडित देश |
विश्व शांति अब रहे सुरझित , यही सोचकर हम सबने ,
सयम से संघर्ष किया है , बलि दी है कितनी जाने |
न लो परीझा अब वर्ना , इच्छा सुन लो यह जन जन की,
मिट जायेगी वह रेखा, जो वर्षो पूर्व बिभाजन की ।
कारगिल से गिलगित तक,
सारा कश्मीर हमारा है .......सारा मुंबई हमारा है.... सारा भारतवर्ष हमारा है ......सारा बिहार हमारा है .......
इस कविता के लेखक , आदरणीय श्री अरविंद पांडेय जी , [I.P.S], को बहुत बहुत धन्यवाद !!!!!!
आमोद कुमार
बुझी हुई समां जल सकती है ,
तूफ़ान के हद से किस्ती निकल सकती है ,
मायूस न हो इरादे न बदल ,
तक़दीर कभी भी बदल सकती है ।
आमोद कुमार
तूफ़ान के हद से किस्ती निकल सकती है ,
मायूस न हो इरादे न बदल ,
तक़दीर कभी भी बदल सकती है ।
आमोद कुमार
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