Thursday, June 17, 2010

सत्य बातो को लिखने से तो पापी और झूठे लोग डरते हैं ,श्री अजित गुप्ता जी हम आखिर किस बात से डरे !!!!!!!!! !!!!!!!!!

श्री अजित गुप्ता जी नाम के एक महाशय ने मेरे ब्लॉग प़र एक Comment भेजा ......."आपके विचार तो श्रेष्ठ हैं , लेकिन इतना सारा फोटो लगाकर अपने आपको सिद्ध क्या करना चाहते हैं "............हमने उनके Comment को Reject कर दिया ,.......और सिर्फ श्री अजित गुप्ता जी के लिये यह जबाब लिख रहा हूँ कि सर हम तो अपने ब्लॉग का मतलब अपना ब्लॉग समझते हैं और हम यह कभी नहीं चाहते हैं कि कोई भी व्यक्ति हमारे ब्लॉग प़र Comment लिखे ......हम तो अपना फोटो सिर्फ इसलिये लगाते थे कि एक Routine Work की तरह अपना फोटो लगाये और वह भी प्रतिदिन का ताकि जब कभी मौका मिले हम Date के अनुसार अपना फोटो निकालकर एक अपना Album Print कर लेंगे ..........और अपना फोटो लगाकर कुछ ना कुछ तो लिखना पड़ता हैं इस लिये जो मन में आता था लिख देते थे .......इन्टरनेट प़र वैसे भी झूठे लोग और मानसिक रोगी लोगो की एक अच्छी खाशी जनसख्या हैं जिनका फोटो गलत ही लगा रहता हैं बहुत कम मात्रा में सच्चे इंसान इन्टरनेट प़र हैं जिनका सही चित्र लगा हुआ हैं ..........इन्टरनेट लिखने से मेरा मतलब हैं कि Facebook , Orkut, Hi5 etc....
जहाँ तक अपने आपको सिद्ध करने की बात रही जो श्री अजित गुप्ता जी ने लिखी हैं तो मैं कहना चाहूँगा कि मैंने भारतवर्ष की जो भी मुख्य सम्मानित जाँच परीक्षा थी उसमे सफलता प्राप्त की ....... अब ब्लॉग प़र भी कुछ सिद्ध करना होता हैं यह हम नहीं जानते हैं सर ...........सर जी फिर भी हम अपने आपको एक अच्छा खाशा मुर्ख लड़का  ही मानते   हैं और हम क्यों कुछ ब्लॉग प़र सिद्ध करना चाहेंगे ? ......देखिये ब्लॉग की यह बात आपने पढ़ी ही होगी "सही बात सही वक़्त पे किया जाये तो उसका मज़ा ही कुछ और है , और मैं सही वक़्त का इंतज़ार करता हूँ ." -त्रिशूल ........और आपने आज सचमुच बहुत ही सही समय प़र सही बात लिखी  हैं सर............
मुझे आपकी बातें बहुत पसंद आयी......अब तो मुझे अच्छा खाशा बहाना मिल गया ब्लॉग नहीं लिखने का और फोटो खींचकर Insert करने का ...मैं आपका बहुत बहुत आभारी सदैव बना रहूँगा इस बात के लिये..........
"जिसने हर रोज अपनी माँ को थोड़ा थोड़ा मरते देखा हो , उसे मौत से डर नहीं लगता ." - Trishul ..... श्री अजित गुप्ता जी सचमुच मेरे लिये एक समय ऐसा भी आया था जिस समय यह पंक्ति भी हम प़र पुरी तरह से लागू होती थी , और इस विषय प़र मैं कोई सफाई आपको देना पसंद नहीं करूंगा.......अगर आपको सचमुच सत्य जानना हो तो हमारे गाँव जहाँ का मैं रहनेवाला हूँ वहां जाकर पता कीजियेगा और भी बहुत सारे सत्य से अवगत हो जायेंगे.......
बस इन ही सब कारणों से मैं अपना फोटो लगाता था और ब्लॉग भी लिखता था........हम श्री अजित गुप्ता जी को धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने हमारे कीमती समय को बर्बाद होने में मदद की ,अब कोई फोटो नहीं लगायेंगे , ना ही ब्लॉग लिखने में अपना समय बर्बाद करेंगे | 
जय हिंद !!!!!! जय हिंद !!!!!!! जय हिंद !!!!!!!!
......आमोद कुमार,  पाटलिपुत्र , बिहार , हिंदुस्तान
देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयीं भगवान् देख तेरे संसार की हालत क्या हो गयीं भगवान् कितना बदल गया इंसान !!!!!!

26 comments:

Er. AMOD KUMAR said...

"और वैसे ही , मैं इस को यहाँ नहीं मारूंगा , वर्ना लोग कहेंगे , सिकंदर ने अपने इलाके में उसे मारा ." - मुक़द्दर का सिकंदर......वाह क्या डायलाग हैं ?????

Er. AMOD KUMAR said...

"अगर अपनी माँ का दूध पिया है तो सामने आ ." -लावारिस
"JK, मेरे हाथ में जो कोट है , उसके नीचे एक Revolver है , जिसकी नाली तुम्हारे तरफ है और जिसमे छे गोलियां हैं , जो इतनी महँगी नहीं की उन्हें चलाने में मुझे कोई अफ़सोस हो ." - Shakti
"रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप होते हैं , नाम है शहेंशाह ." -Shahenshah

Unknown said...

mere pyare bhai...aap n to papi hai or n jhuthe..to dar ki to koi bat hi nahi hai ...
or rahi bat blog likhne ki to aap blog likhna kyo band karenge..aapka apna blog hai or aap apna vichar hi likhte hai ..or aapke vichar ko padane wale hajaro log hai ..or hamlogo ko aapki vicharo ko pd kar bahut kuchh sikhne ko milta hai ..aap to blog ko likhakar gayan bant rahe hai or gayan batna samy ki barvadi to ho nahi sakta hai..so aap blog likhte rahiye ....!! or han agar aapko samy ki barvadi nahi karna hai to Ajit gupta ji jaise logo ka comments pad kar samy apna barvad nahi kijiye...aise logo ka comments...bina pade nikal phekiye or aap apna WAQT ko bachahiye.. aapki DIDI

Er. AMOD KUMAR said...

आदरणीय दीदी जी ......सादर प्रणाम , आप तो अच्छी तरह जानती हैं की हम एक भावुक लड़का हैं ....हमको थोड़ा अपने आपको शांत कर लेने दीजिये उसके बाद हम फिर हम आयेंगे ब्लॉग प़र ....लेकिन दीदी जी आखिर में ये कौन हैं Mr. Ajit Gupta Jee ?, एक बार उनसे मिलने की बहुत इच्छा हो रही हैं जिन्होंने मुझे झकझोर के रख दिया . अगर वे ब्लॉग पढ़ रहे होंगे और तब भी अपने आपको सामने नहीं ला रहे हैं , पता नहीं क्यों ? हम आशा करते हैं की अगर वे अच्छे विचारवान व्यक्ति हैं तो जरूर अपना comment दे , अगर गंदे होंगे तो जरूर नहीं आयेंगे ....दीदी जी आप अपना आशीर्वाद इसी तरह हमपर बनाये रखियेगा !!!!!!

Er. AMOD KUMAR said...

सच शक्ति है, सच ही धन है सच है, सच्चाई की ताकत अंतिम है अप्रतिम, सच राजा बना देता है अपने स्वयं आत्मा बनाता है और स्वर्ग में स्वर्गदूतों गाते हैं, , सच खुशी है, सच धूप है, सच ही असली परमात्मा हैं .......सच का सामना करना सीखे और झूठ को किनारा करना सीखे .....

Er. AMOD KUMAR said...

हम सड़क चलते लोगो का भी ख्याल रखते हैं .......जिसका ताजा उदाहरण हैं की हमने श्री अजित गुप्ता जी नाम के एक व्यक्ति को कहीं न कही से हमारे ब्लॉग के पोस्ट को पढ़कर तकलीफ हुई और हमने उनके तकलीफ का ध्यान रखते हुए ब्लॉग लिखना ही बंद कर दिया ..आप जो कोई भी हो श्री अजित गुप्ता जी ख़ुशी तो आपको बहुत मिल ही रही होगी .....लेकिन कमसे कम आप अपना चेहरा तो दिखायिए ताकि मैं भी देख सकू आप जैसे महान व्यक्ति को .....जय हिंद !!!!!!जय हिंद !!!!!जय हिंद !!!!!!

Er. AMOD KUMAR said...

"ऐह कांचा , साला बन्दूक भी दिखाता है और पीछे भी हटता है ?" -अग्निपथ

Er. AMOD KUMAR said...

जीत जायेंगे हम ,तू अगर संग है
ज़िन्दगी हर कदम एक नयी जंग है
हौसला ना छोड़ कर सामना जहान का
बदल रहा है देख रंग आसमान का
ये शिकस्त का नहीं ये फ़तेह का रंग है
ज़िन्दगी हर कदम एक नयी जंग है .....

Er. AMOD KUMAR said...

तकदीर हैं क्या मैं क्या जानू, मैं आशिक हू तदबीरो का ,मुझको करने हैं काम बड़े , ओ यारा काम बड़े , मैं मालिक अपनी किस्मत का , मैं बंदा अपनी हिम्मत का .......

Er. AMOD KUMAR said...

जब भी , कुछ बोलो , ये सोच के तुम बोलो
भर जाता है गहरा घाव जो बनता है गोली से ,
पर वो घाव नहीं भरता जो बना हो कड़वी बोली से .........

Er. AMOD KUMAR said...

जय शैतान पर पाना है और जय लड़कर मिलती है। बिना लड़े मिलती है हार, समझौते से मिलती है संधि........

Er. AMOD KUMAR said...

मैं सचमुच पल दो पल का शायर हूँ .......

Er. AMOD KUMAR said...

आखिर हम भी तो इंसान ही हैं ना , अपना दिल भी तो हैं , पराया इंसानों की बात से तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता हैं , लेकिन अपनों की बात से थोड़ा दर्द तो होता ही हैं ना !!!!!!

Er. AMOD KUMAR said...

मुर्दों की तरह जी रहे हैं हम, ओ दुनियाँ के रखवाले !!!!!!जीवन अपना वापस ले ले , जीवन देने वाले , ओ दुनियाँ के रखवाले !!!!!!

Er. AMOD KUMAR said...

धर्महेतु अवतारु गुंसाई , मारेहु मोहि व्याध की नाइ ;
मै बैरी , सुग्रीव पियारा , अवगुण कवन नाथ मोहि मारा , कारण कवन नाथ मोहि मारा ?

Er. AMOD KUMAR said...

तेरी दुनिया में दिल लगता नहीं , मुझ को ये मालिक उठा ले !!!!!!!!

Er. AMOD KUMAR said...

क्यों झूठी बाते कहते हो कि भगवान ने हम सबको बनाया हैं ,सच क्यों नहीं कहते हो कि,
हम तुम्ही ने तो भगवान को तरह तरह की नाम देकर घर से लेकर मन्दिर मस्जिद तक सजाया हैं .......

Er. AMOD KUMAR said...

पाप से धरती फटी , अधर्म से आसमान , अत्याचार से कापिं इंसानियत , राज कर रहे हैवान , जिनकी होगी ताकत अपूर्व , जिनका होगा निशाना अभेद , जो करेंगे इनका सर्वनाश, वो कहलायेंगे ...त्रिदेव ...त्रिदेव ...त्रिदेव !!!

Unknown said...

WISH YOU ALL THE BEST...WITH REGARDS

ZEAL said...

किसी अजित नामक फर्जी ID ने मेरे ब्लॉग पर भी अभद्र टिप्पणियां की थीं। शायद कोई बीमार मानसिकता वाला व्यक्ति है।

Er. AMOD KUMAR said...

तू न थकेगा कभी! तू न मुड़ेगा कभी! कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ! तू न थकेगा कभी!
अग्निपथ ! अग्निपथ ! अग्निपथ !

Anonymous said...

Amod ji ,
This is the first time I am watching your blog, please keep on writing..with regards
Subhodh Sharma
R.E,Intel, Bihar

Unknown said...

क्या पाया ? क्या खोया ? यह तो नहीं पता हैं, इस दिल में तो बस एक ही तमन्ना हैं ,
कि आमोद अगले जन्म में भी आमोद ही जन्म ले यह सच्चे दिल से तमन्ना हैं......... जय हिंद !!!!!

Unknown said...

क्या पाया ? क्या खोया ? यह तो नहीं पता हैं, इस दिल में तो बस एक ही तमन्ना हैं ,
कि आमोद अगले जन्म में भी आमोद ही जन्म ले यह सच्चे दिल से तमन्ना हैं......... जय हिंद !!!!!

Er. AMOD KUMAR said...

किसी से भी हारे नहीं हम जो सोचें जो चाहें वो
करके दिखा दें हम वो हैं जो दो और दो पाँच बना
दें जो सोचें जो चाहें वो करके दिखा दें हम वो
हैं जो ..........फिल्म " दो और दो
पाँच "

Er. AMOD KUMAR said...

हमेशा सच को साथी मानते हुए आगे बढ़ने के लिये प्रयासरत हूँ , परन्तु झूठे लोग साया के तरह मेरे पीछे पड़े रहते हैं ...पता नहीं कब सही रास्ता मिलेगी !!!!!!!!