आश्वासन नहीं सुशासन हो अपराध मुक्त बिहार हो
किसी के फ्लैट
में बिना किसी कागजात के ताला तोड़कर रहने लगना तो घोर अपराध के श्रेणी में आता हैं
| अगर प्रशासन इसे गंभीर श्रेणी का
अपराध नहीं मानती हैं तब तो कोई भी किसी के फ्लैट में ताला तोड़कर रहने लगेगा |
ददन यादव मेरे टाटा स्टील फ्लैट का ताला तोड़कर रहने लगा | जब मुझे पता चला तो
हमने उनसे फ्लैट खाली करने को बोला तो वे मुझे
जान से मारने की धमकी देने लगे |
ददन ने मेरी माँ, मेरे बेटा
सभी को धमकाना शुरू कर दिया हैं | जिसके
कारण हम पिछले एक साल से थाना का चक्कर काट रहे हैं |
मेरे फ्लैट का
सारा सामान ददन ने चोरी करवाके कही और रख दिया हैं | जिस तरह से मेरे
पीछे ददन यादव पड़ा हुआ हैं मुझे पूर्ण विश्वास हैं की ददन किसी भी समय मेरी हत्या
करवा सकता हैं |
मेरा कहना
सिर्फ इतना हैं कि पटना जिला प्रशासन उस व्यक्ति से पूछे कि फ्लैट में आखिर
किस अधिकार से रह रहा हैं ?
(पूर्व से ही ददन पहलवान पर हत्या,
चोरी, धार्मिक भावनाएं भड़काने, रंगदारी और सरकारी काम कार्य में
बाधा पहुंचाने, दंगा फैलाने समेत कुल 22 मामले दर्ज हैं। इसका जिक्र उन्होंने खुद चुनावी
हलफनामे में किया है। बात यहीं खत्म नहीं होती, ददन पहलवान बैंक के बड़े डिफाल्टर भी रहे हैं| ददन पहलवान के ऊपर सिर्फ बिहार
ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश में भी कई मामले दर्ज हैं। साथ ही साथ इनके ऊपर फर्जीवाड़ा करने हथियार, गोला-बारूद खरीदने और रखने समेत प्रॉपर्टी पर अवैध कब्जा
एवं अपराधिक साजिश रचने जैसे संगीन मामले दर्ज है।)
ददन यादव उस फ्लैट में अपहरण करके लाये हुए
व्यक्ति को भी रखते हैं जैसा मुझे सूचना मिली हैं अगर प्रशासन का छापा उस फ्लैट पे
पड़ा तो फ्लैट का मालिक पूर्ण रूप से दोषी हो जायेगा |
अगर प्रशासन से मुझे अभी न्याय नहीं मिलता हैं तब
तो हम बेमौत मारे जायेंगे |